समर्पण
सन् १९६० को पुष महिना शुक्ल पक्ष दतिया तिथीको ब्रह्म मुहूर्तमा हामी स-परिवारलाई छोडी स्वर्गारोहण गर्नुहुने पिता स्व० भवानीशंकर शर्मा — जसले मलाई अक्षर ज्ञान दिलाई यो समाजमा जीवन सिकाउनु भयो — उहाँको आत्माले दिगो शान्ती पावस् भनी ईश्वरसँग कामना राख्दै यो "मन र म" नामक कविता सङ्ग्रह समर्पण गर्दछु ।
— मुक्तिनाथ शर्मा
In the brahma muhurta of the eleventh day of the bright fortnight of Paush, 1960, my father, the late Bhawanishankar Sharma, departed this world, leaving our family behind — he who taught me my letters and showed me how to live in this society. With a prayer to God that his soul may rest in enduring peace, I dedicate this collection of poems, Man ra Ma, to him.
— Muktinath Sharma
सन् १९६० के पौष मास, शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को ब्रह्म मुहूर्त में हम परिवार को छोड़कर स्वर्गारोहण करने वाले पिता स्वर्गीय भवानीशंकर शर्मा — जिन्होंने मुझे अक्षर ज्ञान दिलाकर इस समाज में जीना सिखाया — उनकी आत्मा की चिरशांति की ईश्वर से कामना करते हुए यह "मन र म" नामक कविता संग्रह उन्हें समर्पित करता हूँ।
— मुक्तिनाथ शर्मा
'मन र म' कविता सङ्ग्रह प्रकाशन गर्न पाउँदा म ज्यादै हर्षित छु। लेखकका अन्य कृतिहरू पनि समय अनुसार प्रकाशन गरिदिने उद्देश्य राखेकी छु। यसलाई सफल बनाइदिने अभिभार पाठकलाई नै छ। यस कविता सङ्ग्रहले पाठकवर्गबाट स्वागत पाउला भन्ने आशा राखेकी छु।
— शारदा शर्मा, प्रकाशिका
I am greatly pleased to have had the opportunity to publish Man ra Ma. It is my intention to bring out the author's other works in due course as well. The responsibility of making this a success rests with the readers. I hope this collection of poems will receive a warm welcome from the reading public.
— Sharada Sharma, Publisher
'मन र म' कविता संग्रह प्रकाशित करने का अवसर पाकर मैं अत्यंत प्रसन्न हूँ। लेखक की अन्य कृतियों को भी समयानुसार प्रकाशित करने का उद्देश्य लेकर चल रही हूँ। इसे सफल बनाने का उत्तरदायित्व पाठकों पर ही है। आशा है कि यह कविता संग्रह पाठकवर्ग से स्वागत पाएगा।
— शारदा शर्मा, प्रकाशिका
कविता १
आमा
शिरभरी सेतो मजेत्रो
ओडेकी आमा हाम्री भारत आमा ।
सिउँदोभरी सुनौंलो शिरबन्दी
लगाएकी आमा
छात्तीभरी सन्ततिलाई चुसाउन
गंगा यमुनारूपी पयोधर
बोकेकी आमा
हरियो साडीको बक्षभित्र
सागरको आँचल
लगाएकी आमा
अति हँसिलो मुहार
उत्तर मोहोडा गरी
पूर्व र पश्चिमभरी बाहुछरी
पाइतालाले समतल टेकेकी
हाम्री आमा
शान्तीको सेतो गुलाब बोकेर
मयूर डाँफे र जुरेलीहरूलाई नचाएर
कोइलीको भाकामा मीठो गीत गाउँदै
हात्ती झें लमक्क लम्कन्दै
विश्वलाई नै अंकमाल गर्दै
अथक यात्रा हिँड्दैछिन्
हाम्री भारत आमा।
English Translation
Her head draped in white —
she is our Mother India.
Her parting adorned with a golden band,
her chest bearing the twin rivers —
Ganga and Yamuna —
to nourish her children.
Her green-robed bosom
cradling the ocean in its fold.
Her face radiant, perpetually smiling,
she looks northward —
her arms spread east and west,
her feet planted firm upon the level earth —
our Mother.
Bearing the white rose of peace,
she sets the peacock, pheasant, and songbird to dance;
humming sweet melodies in the cuckoo's voice,
she sways like the great elephant, unhurried,
and holds the whole world in her embrace —
marching on her tireless journey:
our Mother India.
हिन्दी अनुवाद
सिर पर श्वेत मजेत्रो ओढ़े —
हमारी भारत माँ।
सिन्दूर में सुनहरी शिरबंद सजाए,
सीने में सन्तानों को दूध पिलाने को
गंगा-यमुना-रूपी पयोधर धारण किए।
हरी साड़ी के वक्ष में
सागर का आँचल छुपाए।
अति हँसमुख मुख मुद्रा,
उत्तर की ओर मुखातिब,
पूर्व और पश्चिम में बाहें फैलाए,
पाँवों से समतल धरती थामे —
हमारी माँ।
शांति का श्वेत गुलाब लिए,
मोर, डाँफे और जुरेली को नचाती,
कोयल की तान में मधुर गीत गाती,
हाथी-सी मस्त चाल से चलती,
जग को अपनी बाहों में समेटती,
अथक यात्रा पर निकली —
हमारी भारत माँ।
कविता २
सन्तोष
उषा पूर्व हाँस्यो
काय तनक्क गरी
नयन मिरमिराए
उठे कृषक जुरूक्क
जग जगमगाए
बिरक्ती कति छैन उनको
गोरू लिई जमीनमा बीउ हाली
बस्ती हरियो भइगो प्रकृति रमायो
घामै छ तातो दिनहुँ पसिनाको खोला
न खान पुग्छ यो परिश्रमको ज्याला
त्यान्द्रा छुटेर कपडा तन ढाकिन्दैन
बुडिन्छ ज्यान तर रोदन कत्ति छैन।
खेती नदेखी बबुरो मन अल्झिन्दैन
कालै बिति काल घुमिरहन्छ
बाबु बराजू बिते क्रमैले
दाह्री फूले कपाल सेताम्मे सारा
दाँत झरे अब कुरूप भइगो बिचरा !
धिप धिप टुकी जल्छ साँझ
झोपडी छ सानो बस्ने खास
निर्लिप्त छन् ती दुःखमा
तर शान्त मानो
बसी एकैसंग परिवार रमायो
भुटी मकै कुटुक्क खुशीले चबायो।
English Translation
Before dawn the horizon smiles —
the farmer's body springs taut;
his eyes blink open to the brightening world,
he leaps to his feet without complaint.
No weariness in him —
with his ox he sows the earth,
the village turns green, nature rejoices.
The sun burns fierce each day, rivers of sweat —
yet his labour's wage is never quite enough.
His clothes are worn through, can't cover his frame;
his body grows old — but not a sound of weeping.
Without the fields his heart can find no peace.
Time passes, time circles on again —
grandfather and father gone, one by one.
Now his own beard whitens, teeth have fallen;
he has grown wizened and worn, poor old man!
A small lamp flickers in the dusk;
a little hut — that is his whole world.
Untouched in their sorrow,
yet calm — as if peace itself dwelt there —
the family gathers, laughs and is content;
roasted corn they chew with delight.
हिन्दी अनुवाद
भोर से पहले क्षितिज मुस्काया —
किसान का तन तन गया;
आँखें खुलीं, जग चमका,
वह झटपट उठ खड़ा हुआ।
उसे थकान जानती ही नहीं —
बैल लेकर खेत जोता, बीज बोया,
गाँव हरा-भरा हो गया, प्रकृति रम गई।
धूप खूब तेज, पसीने की धारा,
फिर भी मेहनत का मेहनताना पूरा नहीं पड़ता।
कपड़े तार-तार, तन ढकता नहीं;
देह बूढ़ी होती जाती — पर एक भी आँसू नहीं।
खेत न देखे तो मन उदास हो जाता है।
काल बीतता है, काल फिर घूम आता है —
दादा और पिता एक-एक कर चले गए।
अब खुद की दाढ़ी सफेद, दाँत झड़ गए;
बूढ़ा और कुरूप हो गया बेचारा!
साँझ ढले दीया टिमटिमाता है;
एक छोटी-सी झोंपड़ी — बस यही घर है।
दुख में भी निर्लिप्त,
किन्तु शांत — मानो शांति वहीं बसती हो —
परिवार संग बैठे हँसते-खेलते;
भुना मकई मजे से चबाते।
कविता ३
धूर्त माली
मधुरस लिई उ मख्ख पयो
फरक्क फर्कि उ दरबारमा पस्यो
चटक्क चिटिक्क गुड खूब लायो
क्षणमै अति सुन्दर मन्दिर पो सजायो
कति तीब्र परिश्रम, आँधी बतास नभनी
चिसो वायु तनमा अनगन्ती चलेपनि
झिनो सानो छ तर फूर्ति कत्ति
मधु बटुल्दछ सुन्दर फूलमा भए जत्ति
न त भन्छ घाम न त उसलाई छ झरी
न त कपडा नै छन् तन ढाक्ने गरी
प्वाँख फूर्र पारी समय गनी-गनी
खूब ओसार्दथे मह गुइँमा थुपारौं भनी
जब काल उठ्यो र धुँवा लगायो
यी पौरख उसको सब नास पार्यो
चाका बिथोली पहिरो चलायो
चाट्यो ओंठ, खुबै जुंगा मुसार्यो
त्यो धूर्त मालि आनन्द मान्यो।
English Translation
The bee was drunk on nectar, utterly content;
he turned on a whim and entered the palace.
Swiftly, meticulously, it collected sweet resin
and in moments had adorned a magnificent shrine.
How fierce its labour — heedless of storm and wind,
though icy gusts swept endlessly across its body.
Tiny and slight, yet brimming with energy,
it gathered honey from every beautiful flower.
It flinched at neither blazing sun nor pouring rain,
wore no clothes to shield its form.
Spreading its wings it counted every hour,
ferrying nectar in vast stores to the hive.
Then Time arose and set a flame —
and all its toil was turned to ash and ruin.
The combs were torn apart, the hive destroyed.
The cunning gardener licked his lips
and stroked his moustache, well pleased.
That sly taker savoured his joy.
हिन्दी अनुवाद
मधुरस पाकर वह मस्त हो गया;
पलटकर वह दरबार में घुस गया।
चटपट जुगत भिड़ाकर जगुरी खूब लाया,
पल भर में एक सुंदर मंदिर सजा लिया।
कितना कठोर परिश्रम — आँधी-तूफान की परवाह न करते हुए,
ठंडी हवाएँ देह पर अनगिनत बार चलती रहीं।
छोटा और नन्हा, पर ऊर्जा से भरपूर —
जितने सुंदर फूल मिले, उतना मधु बटोरा।
न धूप की शिकायत, न बारिश का डर,
तन ढकने को कपड़े भी नहीं।
पंख फैलाकर वक्त गिनता रहा,
ढेर सारा मधु छत्ते में जमा करता रहा।
तभी काल उठा और आग लगा दी —
उसकी सारी मेहनत नष्ट हो गई।
छत्ता बिखर गया, पहिरो बह गया।
धूर्त माली ने होंठ चाटे,
मूँछें सँवारी,
और उस चालाक लेने वाले ने खूब आनंद लिया।
कविता ४
प्रतिक्षा प्रतिक्षा नै रह्यो
प्रतिक्षा कति टाडा हुन्छ
क्षितीज जति टाडा छ, त्यतिनै
कुरेर बस्दा बस्दै पट्टाई लाग्छ
मिरमिरेमै उठेर घर धन्दा थालेकी
आज असाध्यै फूर्ति देखिन्छे बिचरी
अस्ती मौलो हेर्न जान पनि पाइन, बरी
भैलेनी खेल्न जाउँ भन्ने कति आए तर
किन किन मन गरिन…
गोबर र रातोमाटोले घर लिपीवरि
गाग्री माझेर फूलहरू सजाई, माला उनी
मखमलीको एउटा, अनि दुबोको अर्को
पगरी बनाईवरी, भोलीलाई आजै बरा
नवैलावोस भनी, तुलसाको मोठ भरी राखिदिई
फन्के रोटी, अर्सा अर्नासा र परिकारहरू
सौगात थुप्रै थुप्रै भाइटिकालाई…
चिट्ठी, पाँच महिनाअघि नै आएथ्यो
पल्टने भाईले यसपाला भाइटिका लाउने रे …
अप-सकुनहरूले त्यति साथ दिएनन तैपनि
रातभर कुकुर रोएको रोयै थियो
देब्रे आँखा फुरेर उस्तै तमास थियो
मझेरीमा फरिया अल्झेर गाग्री घोप्टियो
ठोक्किएर बाईं फूट्यो
देवल घडीको घण्टी बज्दै थियो
समय नियाल्छे पम्फा
हठात् यस्तो खबर आयो
बम विष्फोटमा भाइ मरेछ
कठैबरा…
प्रतिक्षा प्रतिक्षा नै रह्यो।
English Translation
How far away is waiting —
as far as the horizon stretches, that far.
Sitting and waiting grows suffocating.
She who rose before dawn and kept the house running
looks strangely full of energy today, poor thing —
she couldn't even go to see the fair two days ago,
and many came calling to join the Bhaileni dance,
but somehow she hadn't the heart…
She plastered the house with cowdung and red clay,
scrubbed the water-pot and set out flowers, garlands too:
one of velvet-soft flowers, another of sacred dub-grass —
she made a garland-crown and, not waiting for tomorrow,
filled the tulsi-pot today, praying for auspicious tidings.
Round breads, arsa-arnasa and every kind of delicacy —
so many gifts laid out for Bhai Tika…
A letter had come five months ago:
her soldier-brother would come for Bhai Tika this time…
The bad omens had not relented —
all night the dog had howled without stopping.
Her left eye kept twitching — that same uneasy feeling.
In the courtyard her sari caught on something, the water-pot tipped,
a bangle broke, shards of glass scattered.
The temple clock was chiming.
Pampha kept watching the time.
Then suddenly this news arrived —
her brother had died in a bomb blast —
alas…
Waiting remained only waiting.
हिन्दी अनुवाद
प्रतीक्षा कितनी दूर होती है —
क्षितिज जितनी दूर, उतनी।
बैठे-बैठे इंतज़ार करते-करते घुटन होने लगती है।
जो भोर से पहले उठकर घर-काम में लग जाती थी
आज वह बेचारी असाधारण रूप से उत्साह में दिखती है —
परसों मेले में भी न जा सकी थी;
भैलेनी खेलने को कितने ही बुलाने आए,
पर न जाने क्यों मन न हुआ उसका…
गोबर और लाल मिट्टी से घर लीपा,
घड़ा माँजकर फूल सजाए, माला गूँथी —
एक मखमली फूलों की, दूसरी दूब की।
पगड़ी बनाकर, कल के लिए आज ही
शुभ कामना माँगते हुए तुलसी के गमले में भर दिया।
फेनी रोटी, अरसा-अर्नासा और तरह-तरह के पकवान —
भाईटीका के लिए ढेर सारे उपहार…
चिट्ठी पाँच महीने पहले ही आई थी:
फौजी भाई इस बार भाईटीका के लिए आएगा…
अपशकुन पीछा नहीं छोड़ रहे थे —
रात भर कुत्ता रोता ही रहा।
बाईं आँख फड़कती रही — वही अजीब बेचैनी।
आँगन में साड़ी उलझी, घड़ा गिरा,
चूड़ी टूटी, काँच फूट गया।
मंदिर की घड़ी बज रही थी।
पम्फा समय देखती रही।
तभी अचानक खबर आई —
भाई बम विस्फोट में मर गया —
हाय…
प्रतीक्षा, प्रतीक्षा ही रही।
कविता ५
उषा
रम्यो उषा त्यो मुसुक्क अब
चिरबिराए थे चरी जब
तन फुर्रफुर पारी डालीमा
छर्यो सुनौलो तब लालीमा
गमक्क गम्केथे पहरा छहरा
टप्केर शितबिन्दु बरा
लर्केर निहुरीकन भमरा
मह चुस्दथे कठैबरा
शंखघोष भयो मन्दिर सजियो
बासनादी धूपहरू मगमगाए
घण्टी बजी तथास्तु दिँदै थिए
शुरूवात भो दिनको सब हर्ष पिए
हलो लिएर कृषक खेतबारी
गरी खुबै मेहनत अन्न उमारी
सब जहान बसी मीठो गाँस पारी
रम्यो उषा सबमा धरा सुन्दर पारी।
English Translation
Dawn smiled gently then —
when the birds began to chirp,
spreading their wings on the boughs,
scattering golden rose-light everywhere.
The slopes and waterfalls grew fragrant;
dewdrops fell, sparkling bright,
and bees leaned forward, bowing low,
sipping at honey — bless them.
Temple conches rang out, the shrine was adorned;
incense and fragrant resins filled the air,
the bell chimed: so be it, so be it —
the day began, drinking deep of joy.
The farmer took his plough to field and farm,
laboured long, raised grain from the earth;
all the world sat and ate its sweet morsel —
dawn smiled, making all the earth beautiful.
हिन्दी अनुवाद
तब वह उषा मंद-मंद मुस्कुराई —
जब चिड़ियाँ चहचहाने लगीं,
डाल पर पंख फैलाकर,
चारों ओर सुनहरी लाली बिखेरी।
ढलान और झरने महमहा उठे;
ओस की बूँदें टपकीं, चमकीं,
भौंरे झुककर, आगे की ओर लचककर,
मधु चूसते रहे — वाह!
शंखनाद हुआ, मंदिर सज गया;
अगरबत्ती और सुगंधित धूप महकी,
घंटी बजी: तथास्तु, तथास्तु —
दिन का आरंभ हुआ, आनंद पीते हुए।
किसान हल लेकर खेत-बारी गया,
खूब मेहनत की, अनाज उगाया;
सारी दुनिया बैठकर मीठा निवाला खाई —
उषा मुस्कुराई, धरती को सुंदर बनाती हुई।
कविता ६
पर्देशी धन
झिलिक झिलिक्क गड्याङ गुडुङ
झररर झर् झर् अबिरल वर्षा
ठूलो साँझ परेदेखि यता
चट्याङसंग आज रातभर
नभ रिसाएछ आजभोलि
तरास भएर निराशाका कल्पना गर्दै
मझेरीमा चुहिएको पानी उठाउँदै माइलीले
नियाउरी मुहारमा बिरहको सुस्केरा हाली
नूनिला विवशताका आँशु समेट्दै
भर्खरै ताते सर्ने सानीलाई काखमा राखी
आफू बुहारी भएको तीतो कल्पना गरी
छोरीको अनुहार राम्ररी चिहाई
भोली दशैं टीकाको सुरम्य दिन
मीठो खाने र राम्रो लाउने प्रबल इच्छा
अरूका झैँ सिंगारिएर पति पत्नि हिँडने रहर
समेट्नै नसक्ने बेदनाका पर्खालभित्र
परदेशी पुरुषको आशारूपी आगमनमा
कोल्टे फेर्दै तन्द्रावस्था ..........।
आशा ए आशा
कानभरी शब्द पसेर तन्द्रा छुटेपछि
समाधान भरी प्रतिक्षाको ढोका उघारिन्छ
तर, मिलन मात्र मिलन
सुबै लुटिएछ सपना साँचेको
परदेशी धन।
English Translation
Flash and rumble, boom and crash —
the rain falls without pause, relentless.
Since the great evening descended
thunder has stormed through all night.
The sky has been angry these days.
In fear, imagining despair,
catching the leak in the middle of the room, Maili
breathes a sigh of longing on her drawn face,
gathering her salty, helpless tears,
holding on her lap the little one who has just learnt to turn over —
bitter thought that she is a daughter-in-law here,
looking closely at her daughter's face.
Tomorrow is the auspicious day of Dashain tika,
a powerful desire to eat something sweet and wear something fine,
a longing to dress up like others and walk side by side, husband and wife —
within walls of grief too vast to contain,
in the hoped-for arrival of the man working abroad,
she turns aside in her half-drowse…
Oh hope, hope —
when words fill the ears and drowsiness breaks,
a door full of resolution opens to waiting.
But it was only a meeting — only a union —
in the morning it was all plundered: the dream she had kept safe,
the foreign earnings.
हिन्दी अनुवाद
चमक-कड़क, गड़गड़ —
झड़ी अनवरत बरस रही है।
जब से बड़ी साँझ ढली
तभी से बिजली संग रात भर।
आकाश आजकल नाराज़ है।
भय से, निराशा की कल्पना करती हुई,
बीच कमरे में टपकता पानी समेटती माइली
मुरझाए चेहरे पर विरह की साँस लेती है,
नमकीन, बेबस आँसू पोंछती है,
करवट लेना सीखी छोटी बच्ची को गोद में लिए —
बहू होने की कड़वी कल्पना मन में लिए,
अपनी बेटी का चेहरा ध्यान से निहारती।
कल दशैं टीका का सुरम्य दिन है,
मीठा खाने और अच्छा पहनने की प्रबल इच्छा,
दूसरों की तरह सज-सँवरकर पति-पत्नी साथ चलने की चाहत —
जो दर्द की दीवारों में समाती नहीं,
परदेसी पुरुष के आशा-भरे आगमन में,
करवट लेकर अधनींदी अवस्था में…
आशा रे आशा —
जब कान में शब्द पड़े और नींद टूटी,
समाधान से भरा प्रतीक्षा का द्वार खुला।
पर मिलन, बस मिलन था —
सुबह होते ही सब लुट गया: वह सँजोया हुआ सपना,
परदेसी धन।
कविता ७
दशैं
आयो दशैं चटक्क परेर
व्यथा ऋण र पसिना बोकेर
हिलो झरी र खडेरी छिचोलेर
अप्ठ्यारा पाखा भरी मडारिएर
थाप्लो भञ्ज्याङ पारी
भाका भरी बन्दोबस्तहरू तयार पारेर
कतै रमाउँदैछ दशैं
कतै रगत भएर बग्दैछ निर्दोष दशैं
कतै मिलन भएर अंकमाल गर्दैछ दशैं
कतै सुँक सुँक रूँदैछ दशैं
यो प्यारो दशैं
यो साइनो जोड्ने दशैं
यो भातृत्वको दशैं
आर्थिक अनुसार चल्न सके
हामीलाई नबिगार्ने दशैं
घाँटी हेरेर हाड निल्नु भने झैं गरूँ न दशैं
तब ऋण लागेर बैराग नबनाउला यो दशैं
माइत/ससुराली जान पर्ने दशैं
चिचिमाम र नयाँ नाना लाउनु पर्ने दशैं
सिसार धेरै र राम्रै बोक्नु पर्ने गह्रौं दशैं
दक्षिणा नपुगे ठुस्स पर्नु पर्ने दशैं
चुना रंग पचेरा गर्ने पर्ने दशैं
अपच भएपनि अलिकति त खानै पर्ने दशैं
कतै भुत्लै भुत्ला देखिन्छ दशैं
कति सिनो भएर गनाउँदैछ दशैं
भुटुवासंग स्वाट्ट पारेर
आँखा झिमिक्क पार्नु पर्ने एकप्रकारको दशैं
कतै भने मालश्री, शोभायात्रा र
चण्डीपाठले शोभायमान छ दशैं
असत्यमा सत्यको जीत भएको
विजया दशैं।
English Translation
Dashain has arrived, with a sudden thud,
bearing debt, sweat, and sorrow —
wading through mud, rain, and drought,
stumbling over difficult slopes and ridges,
making provisions on every front:
somewhere Dashain rejoices,
somewhere innocent Dashain flows as blood,
somewhere Dashain brings reunion in an embrace,
somewhere Dashain weeps softly.
This beloved Dashain —
this Dashain that ties our bonds,
this Dashain of brotherhood —
if only we could live within our means
it would not ruin us, this Dashain.
Let Dashain pass as the throat allows —
swallowing no more than one can bear —
then debt will not make a renunciant of us.
Dashain when one must visit parents' and in-laws' homes,
Dashain when new clothes for the young and old are a must,
heavy Dashain when gifts must properly be carried in loads,
Dashain when one feels ashamed if the offering falls short,
Dashain when whitewash must be put on the walls,
Dashain when even if one can't digest it, a little must be eaten,
somewhere Dashain is all chaff and waste,
somewhere Dashain reeks like rot.
A Dashain when one squints with a sharp look —
brushed aside with a wave of a hand.
But somewhere Dashain is resplendent
with Malashri hymns, processions,
and the Chandi recitation —
Vijaya Dashami: the victory of truth over falsehood.
हिन्दी अनुवाद
दशैं आई, अचानक धमाके से,
व्यथा, कर्ज़ और पसीना बोकर —
कीचड़, बारिश और सूखे को लाँघकर,
ऊबड़-खाबड़ ढलानों पर संभलते हुए,
हर तरफ इंतज़ाम जुटाकर:
कहीं दशैं रमती है,
कहीं निर्दोष दशैं खून बनकर बहती है,
कहीं दशैं मिलन बनकर गले लगाती है,
कहीं दशैं सुसुक-सुसुककर रोती है।
यह प्यारी दशैं —
यह रिश्ते जोड़ने वाली दशैं,
यह भाईचारे की दशैं —
यदि हम अपनी हैसियत से चल सकें
तो यह दशैं हमें बर्बाद नहीं करेगी।
दशैं मनाएँ गले में जितना उतरे उतना —
तब कर्ज़ वैराग्य नहीं बनाएगी।
दशैं जब माइके-ससुराल जाना पड़े,
दशैं जब छोटे-बड़े सबके लिए नए कपड़े चाहिए,
भारी दशैं जब ढेर सारे उपहार ठीक से ले जाने पड़ें,
दशैं जब दक्षिणा कम पड़े तो शर्मिंदा होना पड़े,
दशैं जब घर पुतवाना पड़े,
दशैं जब पचे न पचे, थोड़ा तो खाना ही पड़े,
कहीं दशैं बस भूसा-कचरा है,
कहीं दशैं सड़े हुए की तरह बदबू देती है।
एक ऐसी दशैं जब आँखें तरेरकर देखना पड़े —
हाथ की झटक से दूर कर दिया जाए।
पर कहीं दशैं मालश्री, शोभायात्रा
और चण्डीपाठ से शोभायमान है —
विजया दशमी: असत्य पर सत्य की जीत।
कविता ८
अंकुर
जेठ लागे देखि यता
अंकुराउन हरेक प्रयत्न गर्दैछु
हजुरकै लागी
अति तातो माटोमाथि खसें म हाँगाबाट
पट्टाई लाग्दो खडेरी खपें
बल्ल बल्ल एकझर पानी परेछ र जन्मिदैछु
पर्यावरण बचाउन म।
अल्पायुलाई दिर्घायु दिन
पौधाहरूको जरा/मुन्टा
पात फल फूल भएर
आफै पेलिएर, पिल्सिएर, कुटिएर, पिंधिएर
कठ्यांग्रिएकाहरूलाई न्यानो दिन
चिसो, शितल सफा पवन चुसाउन
मलाई हुर्कन दिनोस्
हजुरको घर बसाउन, निदाल दलिन बसाउन
चौकी र कुर्सीमाथि आराम गर्न
पुस्तक कापीका पन्ना बनिन पाउँ
यो दिब्य संसारमा हजुरको अमर नाम
र कृति राख्न
मलाई अझै बाँच्न दिनोस्
महामारी रोगहरूको औषधी बन्न
अनि मलाई सेवा गर्न दिनोस्
हजुरको पार्थीव शरीर खरानी बनाउन।
English Translation
Since the month of Jestha,
I have been trying to sprout —
for your sake.
I fell from a branch onto the scorching earth,
endured the unbearable drought —
at last a single drop of rain has fallen and I am being born:
to protect the environment.
To give long life to the short-lived —
as roots and shoots of saplings,
as leaves, fruit, and flower —
crushed, pressed, pounded, and ground down:
to give warmth to those frozen stiff,
to offer cool, clean, fresh air to breathe —
let me grow.
To make your home, to lay your threshold beam,
to bring rest to your chair and table,
to become the pages of your books and notebooks,
let me live on in this divine world
to keep your immortal name and your work;
to become medicine against epidemic disease —
then let me serve:
to turn your mortal body to ash.
हिन्दी अनुवाद
जेठ के महीने से लेकर
अंकुरित होने के हर प्रयास में लगा हूँ —
आपके ही लिए।
अत्यधिक गर्म मिट्टी पर डाल से गिरा,
उस असह्य सूखे को सहा —
बड़ी मुश्किल से एक बूँद पानी पड़ा और जन्म ले रहा हूँ:
पर्यावरण बचाने के लिए।
अल्पायु को दीर्घायु देने के लिए —
पौधों की जड़ और डाल के रूप में,
पत्ती, फल और फूल बनकर —
खुद कुचलकर, पिसकर, कूटकर, पीसकर:
ठिठुरे हुओं को गर्मी देने के लिए,
ठंडी, शीतल, स्वच्छ हवा पिलाने के लिए —
मुझे बढ़ने दीजिए।
आपका घर बसाने के लिए, देहरी की लकड़ी रखने के लिए,
कुर्सी और मेज पर आराम देने के लिए,
किताबों और कॉपियों के पन्ने बनने के लिए —
इस दिव्य संसार में मुझे और जीने दीजिए:
आपका अमर नाम और कृति सँजोने के लिए;
महामारी की दवा बनने के लिए —
तब मुझे सेवा करने दीजिए:
आपके नश्वर शरीर को राख बनाने के लिए।
कविता ९
शहीद बोल्छ
उत्सर्ग गरें सहास बटुलेर
निस्वार्थ भावनाहरू छात्तीभरी समेटेर
पेलिएँ पिसोल्टिए आँशुको घुटको पिएर
म फालिए, धिक्कारिएं, रगतको भल बगाएर
मृगतृष्णाहरू पनि लथालिङ्ग पारेर
युद्धे युद्धको पर्खालभित्र निसासिएर
फगत तक्मा सिवाय केही रहेन
मुर्झाएर झुप्रो स्यार्हान आइ पुगें
लामो सुस्केरा खुइय्य गरेर
उमेरहरू लज्जावती झार झैं निरूत्तर बने
इच्छाहरू साउने भेल भए
विछ्यौनाहरू बिझाएर निन्द्रा लाग्न सकेन
तर हात बडाउँदै हातहरू समातेर हिँड्ने इच्छा
अझ अंकमालहरू म देखि पर भागे
युग धेरै पर पुगिसकेछ तर
मेरो इतिहास उत्सर्गको लेख्न बिर्सिएछ
पाण्डवको गुप्तवासभन्दा सयौं गुणा बडी
खुकुरीको युगदेखि परमाणुको युगसम्म
गुप्तवासमा मौन ब्रत बसें
कौरवको चक्रब्यूह तोड्न अभिमन्यु भई
फेरी उत्सर्गको निधों गरे
मेरो बिरताको अध्याय थप्न
श्री अर्जुन भै कृष्ण सारथी खोजें
टिस्टामा खाँडो पखाली
कलमले इतिहास लेख्न लाहाको घर भत्काउनु छ
किन कि
आफ्नै माटोको कथा लेख्नु छ।
English Translation
I gave myself up, gathering courage,
holding selfless feeling to the full of my breast.
I was crushed, ground down, swallowing the knot of tears.
I was cast aside, scorned — letting the tide of blood flow.
Even mirages I scattered and left behind.
Gasping within the wall of war upon war —
nothing remained besides a medal.
Withered, I came hunched and stooped,
drawing a long, hollow sigh.
My years became silent as the touch-me-not plant.
My desires swelled like a monsoon flood.
My blankets pricked me and I could not sleep.
But the desire to reach out a hand, to walk hand in hand —
even embraces fled away from me.
Ages have passed far beyond,
yet writing my history of sacrifice was forgotten.
A hundred times more hidden than the Pandavas' exile —
from the age of the khukuri to the age of the atom —
I kept a vow of silence in exile.
Like Abhimanyu breaking the Kaurava's wheel-formation,
I resolved once more to sacrifice.
To add a chapter to my tale of bravery,
becoming Arjuna himself, I sought Krishna as my charioteer.
Washing the sword in the Tista —
the house of lacquer must be burned to write history with a pen —
for the story of one's own soil must be written.
हिन्दी अनुवाद
हिम्मत बटोरकर मैंने खुद को अर्पित किया,
निःस्वार्थ भावनाएँ सीने में भरकर।
मैं कुचला गया, पिसा — आँसुओं का घूँट पीकर।
मुझे फेंका गया, धिक्कारा गया — खून की धार बहाकर।
मृगतृष्णाओं को भी बिखेरकर पीछे छोड़ा।
युद्ध पर युद्ध की दीवारों में साँस घुटती रही —
तमगे के सिवा कुछ न बचा।
मुरझाकर, झुककर यहाँ आ पहुँचा;
एक लंबी, खोखली साँस खींचकर।
मेरी उम्र लाजवंती-सी चुप हो गई।
मेरी इच्छाएँ सावन की बाढ़-सी उमड़ीं।
बिस्तर चुभता रहा, नींद न आई।
पर हाथ बढ़ाकर, हाथ थामकर चलने की इच्छा —
गले मिलना भी मुझसे दूर भाग गया।
युग बहुत आगे निकल गए,
पर मेरे बलिदानी इतिहास की इबारत लिखना भूल गए।
पांडवों के अज्ञातवास से सौ गुना अधिक —
खुकरी के युग से परमाणु के युग तक —
मौन व्रत लेकर अज्ञातवास में रहा।
कौरवों का चक्रव्यूह तोड़ने को अभिमन्यु बनकर
फिर बलिदान का संकल्प लिया।
अपनी वीरता का अध्याय जोड़ने को,
अर्जुन बनकर कृष्ण को सारथी ढूँढा।
तिस्ता में तलवार धोकर —
कलम से इतिहास लिखने को लाख का घर जलाना होगा —
क्योंकि अपनी माटी की कथा लिखनी है।
कविता १०
त्री काल
ए... बिहान तिमी जाँदैगर
मिरमिरेसंग अंकमाल गरी
चरीहरूसंग पंख उघारी
झरना संगै शितल पवनको
सुर ताल र लय हाली।
कहालिन्दैछन् क्यार मध्यान्न
एउटा कष्टमय थकाई बोकेर
एकैक्षण बैशको रूखमुनि शितल ताप्न
गेंवरे उखु चुस्दैछ त्यो मध्यान्न।
हिजो आज र भोलि
त्यस पछिको गोधूलीमा
लैबरी गाउँदै साइँली र माइँली
गाईको पुच्छर समाती घरतिर
आज म निक्कै बिलम्ब भएछु।
तिमी जाँदैगर म आउँछु ठूलो साँझ लिएर
शान्तीको श्वास प्रश्वास फेर्न
परिश्रमको मीठो गाँस खाइवरी
निन्द्रादेबीको न्यानो काखमा
पीर व्यथा र बेदनाहरू भुली
चिम्लन्छु आँखा चार प्रहर
मेरो प्यारो रात, संधै मलाई साथ दिन्छ।
English Translation
Morning — go, you —
embrace the first light of dawn,
open your wings with the birds,
set the beat, rhythm, and melody
of the cool breeze alongside the waterfall.
Noon — how it scorches —
carrying one painful weight of weariness,
resting a moment in the shade of a mango tree,
noon chews a stalk of sugarcane.
Yesterday, today, and tomorrow —
in the twilight that comes after —
Saili and Maili singing their herding songs,
holding the cow's tail homeward —
I am quite late today.
Go, you — I am coming, bringing the great dusk,
to breathe the breath of peace,
having eaten the sweet morsel of honest labour,
in the warm lap of the goddess of sleep —
forgetting all pain, grief, and sorrow —
I will close my eyes for four watches of the night;
my dear night always keeps me company.
हिन्दी अनुवाद
सुबह — तुम जाओ —
भोर की पहली किरण को आलिंगन करो,
पक्षियों के साथ पंख खोलो,
झरने के साथ शीतल पवन की
धुन, ताल और लय मिलाकर।
दोपहर — कितना झुलसाती है —
एक कष्टदायक थकान का बोझ लिए,
बरगद की छाँव में एक पल सुस्ताकर,
दोपहर गन्ने की एक छड़ी चूसती है।
कल, आज और कल —
उसके बाद की गोधूलि में —
साइली और माइली गाना गाते हुए,
गाय की पूँछ थामे घर की ओर —
आज मुझे बहुत देर हो गई।
जाओ तुम — मैं आ रहा हूँ, बड़ी साँझ लेकर,
शांति की साँस लेने,
परिश्रम का मीठा निवाला खाकर,
नींद-देवी की गर्म गोद में —
सब दर्द, व्यथा और बेदना भूलकर —
चार पहर के लिए आँखें मूँद लूँगा;
मेरी प्यारी रात हमेशा मेरा साथ देती है।
कविता ११
पर्खाइ
पिठ्यूँ भरी पूर्व बोकेर
हाम्रो बिहान संधैं धाउँछ
एक मुठी ज्योति छर्दै
पराग मिलन गराउन
भवँराका दौतरीहरू, उस्तै व्यस्त छन्
मध्यान्तरले जत्तिनै कुतिकुति लाएपनि
आलस्य नआउने त्यो
तर ती पसिना चुहाउँदै
पश्चिम पुगेरै छाड्छन्
किनकी भोली लिएर आउँन
किनहो-
मेरा प्रत्येक गन्तव्यहरू भने
अल्मलिन्छन् अवरोध भएर
छट्पटाएका सिद्धान्तहरू
त्यहाँ पुग्न नपाई सुस्ताउँछन्
पुग्न त अवश्य पर्थ्यो नै तर
छेकिन्छन् खै के ले छेक्छ
म देख्दिन ती पर्खालहरू
र मेरो अघिल्तिर पहरा दिन्छ
अनि लम्बिन्छन् दिनहरू
तब फर्किन्छन् दीन भएर।
English Translation
Carrying the east on its back,
our morning always comes running —
scattering a fistful of light,
to bring together pollen and flower.
The bee's companions are equally busy;
no matter how much the midday teases,
that tireless one —
yet they push on, dripping sweat,
reaching the west at last,
because tomorrow must be brought again.
Why is it —
every destination of mine
gets confused, becomes an obstacle.
Startled principles
come to rest before reaching there.
I should certainly have arrived, and yet —
I am blocked — what blocks me, I cannot say.
I cannot see those walls,
and they stand guard before me.
And so the days stretch longer,
then return — diminished.
हिन्दी अनुवाद
पूर्व को पीठ पर लादकर,
हमारी सुबह हमेशा दौड़ती आती है —
एक मुट्ठी प्रकाश बिखेरती हुई,
पराग और फूल का मिलन कराने।
भौंरे के साथी भी उतने ही व्यस्त हैं;
दोपहर चाहे जितना परेशान करे,
वह अथक —
पर वे पसीना बहाकर आगे बढ़ते हैं,
पश्चिम तक पहुँचकर ही दम लेते हैं,
क्योंकि कल को फिर लाना है।
क्यों है —
मेरी हर मंजिल
उलझकर रुकावट बन जाती है।
घबराए हुए सिद्धांत
वहाँ पहुँचे बिना सुस्ता जाते हैं।
पहुँचना तो ज़रूर था, और फिर भी —
रोका जाता हूँ — क्या रोकता है, कहना मुश्किल।
वे दीवारें मुझे दिखती नहीं,
और वे मेरे आगे पहरा देती हैं।
इसलिए दिन और लंबे होते जाते हैं,
फिर दीन होकर लौट आते हैं।
कविता १२
त्यो यात्री
एउटा कालो रातको यात्री भएर
जोशिलो दन्किन्दो राँको लिएर
नयाँ परिकल्पनाहरू विपना बनाएर सजाउँन
हिइँदैछ त्यो पथिक…
किनकि त्यहाँ उनका सन्तति थन्क्याउनु छ
यसैले पैदल हिँड्दैछ निरन्तर
विगतका सपनाहरूलाई यर्थाथ बनाउन
कुटे, कोदालोहरू बोकी
हलो जोतेर घर फर्किएपछि
भोलीको बिहानी ल्याउन
हातको तकिया लगाएर
भुसुक्क निदाउनेहरूलाई
उ उठाउन पुग्दैछ
बन्दकी लगाएका घडेरी र
बेचैन भएका अस्तित्व फेरि
सफल गराउन गाउँदैछ
संघर्ष र मायाका गीतहरू
भीर पाखामा सुनाउँदैछ
सुस्केरामय जीवनको
अधुरो कल्पना अनि आकांक्षा
र शहिदका इच्छाहरू
पुनः जागरण गराउन
प्रत्येक दिन त्यो यात्रा गर्दैछ।
English Translation
Becoming the traveller of one dark night,
bearing a burning, passionate torch,
to weave and adorn new imaginings into dreams —
that wayfarer walks on…
for there his children must be settled,
so he walks on foot, without pause,
to turn the dreams of the past into reality.
With hoe and spade in hand,
after ploughing and returning home,
to bring tomorrow's morning —
he goes to rouse those
who have made a pillow of their fist
and fallen fast asleep.
To make those who have locked their lands
and their troubled existence flourish again —
he sings songs of struggle and love,
calling out on the steep slopes.
The unfinished longing of a sigh-filled life,
aspirations,
and the unfulfilled wishes of martyrs —
to awaken them once more,
that traveller journeys every single day.
हिन्दी अनुवाद
एक अँधेरी रात का यात्री बनकर,
जोशीली, दहकती मशाल लिए,
नई कल्पनाओं को सपनों में बुनने-सजाने —
वह पथिक चलता जाता है…
क्योंकि वहाँ उसके बच्चों को बसाना है,
इसलिए वह पैदल निरंतर चलता है,
अतीत के सपनों को हकीकत बनाने।
कुदाल और फावड़ा लेकर,
हल जोतकर घर लौटने के बाद,
कल की सुबह लाने के लिए —
वह जाकर उन्हें जगाता है
जिन्होंने अपनी मुट्ठी को तकिया बनाकर
गहरी नींद ले ली है।
बंद पड़ी ज़मीनों को
और बेचैन अस्तित्वों को फिर से
सफल बनाने के लिए —
वह संघर्ष और प्रेम के गीत गाता है,
भीरे-पाखों पर सुनाता है।
आह भरी ज़िंदगी की अधूरी लालसा,
आकांक्षाएँ,
और शहीदों की अधूरी इच्छाएँ —
उन्हें फिर से जगाने के लिए,
वह यात्री हर रोज़ यात्रा करता है।
कविता १३
म विद्यार्थी
जाँदैछु निरन्तर म
कुनै जोशपूर्ण लामो लक्ष्य लिएर
प्रत्येक अँधेरीहरूलाई
दियोको प्रकाश झैँ प्रकाशमय भई
जाग्न र जगाउनलाई।
सुस्तछन् खहरेहरू तबसम्म
जबसम्म सावन आउँदैन
निरूत्तर छन् मेरा भाग्य रेखाहरू
निर्दोष छन् प्रत्येक हस्त रेखाहरू
किनकि म विद्यार्थी।
भाग्य बनाउन श्यामपटका
काला भित्ताभरी
लेखिन्छन् मेटिन्छन्
सेता खल्लीमट्टीका
उज्याला अक्षरहरू।
समेटेर यी सबै मेरा
मष्तिस्क भरी
हो साँच्चै हो
भोलिको नयाँ संसारको
नयाँ इतिहास लेख्न
जाँदैछु पाठशाला म विद्यार्थी।
English Translation
I go on, steadily,
carrying some passionate, distant goal —
to become light for every darkness,
like the beam of a lamp — glowing.
To wake, and to waken others.
The streams lie still until then —
until the monsoon comes.
My lines of fate remain silent,
every line of my palm is innocent —
for I am a student.
On the dark walls of the blackboard,
they are written and erased —
bright white letters of chalk.
Gathering all of these
into my mind —
yes, truly —
to write the new history
of a new world tomorrow,
I go to school — I, who am a student.
हिन्दी अनुवाद
मैं निरंतर चलता जाता हूँ,
किसी जोशपूर्ण, दूर के लक्ष्य को लेकर —
हर अँधेरे के लिए
दीये की लौ-सा प्रकाशमय बनने,
जागने और जगाने के लिए।
धाराएँ तब तक शांत रहती हैं —
जब तक सावन नहीं आता।
मेरी भाग्य-रेखाएँ चुप हैं,
मेरी हर हस्तरेखा निर्दोष है —
क्योंकि मैं विद्यार्थी हूँ।
श्यामपट की काली दीवारों पर
लिखे जाते हैं, मिटाए जाते हैं —
सफेद खड़िया के उजले अक्षर।
इन सबको समेटकर
अपने मस्तिष्क में —
हाँ, सच में —
कल के नए संसार का
नया इतिहास लिखने को
पाठशाला जाता हूँ — मैं विद्यार्थी।
कविता १४
म कस्तो हुस्सु मान्छे हँ?
प्रतियोगीहरूकै
संकुचित निर्णयमा
फराकिला विचार बोकेर
प्रतियोगी भइदिने
म कस्तो हुस्सु मान्छे हँ ?
त्यो मञ्चमा निस्पक्ष
हेर्ने चस्माले
पक्षपात हेर्थ्यो
मरो बडोत्तरिको
अंकहरू घटाइन्थ्यो
सान्तवना र धन्यवाद
नदिइ उ घोत्लन्थ्यो
तर पनि म
ठूलो उसैलाई ठान्थें
म कस्तो हुस्सु मान्छे हैं?
बिराह जन समुहबाट
भित्र चिहाउँदा
उत्कृष्ट उत्कृष्ट भन्दै थिए
सर्दी लागेर त्यहाँ
बिचाराहरू हाच्छिउँ
काडदै थिए
र पनि एक भलादमी
बोल्दै थिए
आफुलाई आदर्शको
मेचमा राखेर
शब्दमा ब्यंग भर्दै थिए
बिच बिचमा ताली बज्दै थिए
म वाल्ल परिरहे
म कस्तो हुस्सु मान्छे हैं?
उ सत्य निल्दै
समय चपाउँदै थिए
दर्शन र दार्शनिकहरू
सबै गन्दै थिए
फ्रान्स, जापान, जर्मन
ईटाली, इंगल्याण्ड
अमेरिका भारत, नेपाल
बखान्दै थिए
म त निधाएछु
बिउँझेंदा भवन
अर्ध खाली थियो
मैले एक कुनाबाट सुन्दै थिएँ
म कस्तो हुस्सु मान्छे हैं?
पुरस्कारहरू हतारिदै थिए
श्री फलानाको हातबाट इत्यादि…
जुंगा हेरी भाग परेछ
म त घरतिर हिडिंहाले
निकै गर्मा गर्मी परेछ
सुनेर चुक् चुकाउँदै थिए
म कस्तो हुस्सु मान्छे हँ?
English Translation
In the narrow judgment
of my own competitors,
carrying broad ideas —
I compete as a competitor.
What a fool I am!
On that stage, the lens
claiming to see without bias
was seeing with bias;
the marks of my achievement
were docked.
Without consolation or thanks
he scowled —
yet I
considered him great.
What a fool I am!
From the crowd outside,
peering in —
"Excellent, excellent," they said.
Sneezing there from a cold,
some were picking their noses —
and still one decent person
was speaking,
having placed himself
on the throne of ideals,
loading sarcasm into his words,
and applause would burst out in between.
I stood there dumbstruck.
What a fool I am!
He was swallowing truth,
chewing up time,
counting off all the philosophers —
France, Japan, Germany,
Italy, England,
America, India, Nepal —
extolling them all.
I had dozed off;
when I woke the hall
was half empty.
I had been listening from a corner.
What a fool I am!
Awards were hurrying past:
from the hand of so-and-so, et cetera…
It turned out the share went by the moustache.
I set off homeward —
quite a commotion it had all been.
People were clucking their tongues.
What a fool I am!
हिन्दी अनुवाद
प्रतिस्पर्धियों के ही
संकुचित निर्णय में,
व्यापक विचार लेकर —
प्रतिस्पर्धी बन जाता हूँ।
मैं क्या ही मूर्ख इंसान हूँ!
उस मंच पर, जो चश्मा
निष्पक्ष देखने का दावा करता था
पक्षपात से देखता था;
मेरी उन्नति के अंक
घटाए जाते थे।
सांत्वना और धन्यवाद दिए बिना
वह मुँह बनाता था —
फिर भी मैं
उसे महान मानता था।
मैं क्या ही मूर्ख इंसान हूँ!
बाहर भीड़ में से,
अंदर झाँकते हुए —
"उत्कृष्ट, उत्कृष्ट" कहते थे।
वहाँ सर्दी से छींकते हुए,
कुछ लोग नाक खुजला रहे थे —
और फिर भी एक भले इंसान
बोल रहे थे,
खुद को आदर्श की
कुर्सी पर रखकर,
शब्दों में व्यंग्य भरते हुए,
बीच-बीच में तालियाँ बजती रहीं।
मैं बिल्कुल अवाक खड़ा रहा।
मैं क्या ही मूर्ख इंसान हूँ!
वे सत्य निगल रहे थे,
समय चबा रहे थे,
दर्शनों और दार्शनिकों को गिन रहे थे —
फ्रांस, जापान, जर्मनी,
इटली, इंग्लैंड,
अमेरिका, भारत, नेपाल —
सबका बखान।
मुझे नींद आ गई;
जब जागा, सभागार
आधा खाली था।
मैं एक कोने से सुन रहा था।
मैं क्या ही मूर्ख इंसान हूँ!
पुरस्कार हड़बड़ी में बँट रहे थे:
श्री फलाने के हाथों से, इत्यादि…
पता चला मूँछ देखकर हिस्सा मिला।
मैं घर की ओर चल पड़ा —
काफी गर्मागर्मी थी वहाँ।
लोग चुक-चुक करते रहे।
मैं क्या ही मूर्ख इंसान हूँ!
कविता १५
हो त्यही त कविता हो
भावना उगेलेर
सेता पन्नाहरूमा
कविता पोखिएको हुन्छ
र्सिजनामा कवि पौडिएको हुन्छ
विश्राम लिँदैन कलम त्यहाँसम्म
टुंगिन्दैन कविता जहाँसम्म
ज्वारभाटा, छाल, तरंग
लहरिन्छन् जब उ घोत्लिएको हुन्छ
खुवाउनलाई, चुसाउनलाई
सुधा मैं मीठा मीठा भावभङ्गीहरू
नयाँ संसारका सृजनाहरूलाई
काव्य कृतिहरूको रस पिएर
लठ्ठ मातिएका देखिन्छन् कविहरू
र पनि कविता कलिलै हुन्छ।
कतै बैशाखी टेकेरै भएपनि
घस्रिएका हुन्छन्
मष्तिकमा शहीद हुन लागेका शब्दहरू
हो त्यही त कविता हो।
English Translation
When feeling overflows
onto white pages —
poetry is poured out,
and the poet swims in creation.
The pen takes no rest until then,
poetry does not end until then.
When the tide, the wave, the swell
ripples — when the poet is engrossed —
to feed, to nourish,
sweet sweet expressions pure as nectar,
the creations of a new world —
drinking the juice of verse and craft,
the poets appear drunk, intoxicated.
And yet poetry is forever tender.
Somewhere even on crutches
they crawl on —
words marching toward martyrdom in the mind.
Yes — that is poetry.
हिन्दी अनुवाद
जब भावना उमड़कर
सफेद पन्नों पर —
कविता उँड़ेली जाती है,
सर्जना में कवि तैरता रहता है।
कलम तब तक विश्राम नहीं लेती,
कविता तब तक खत्म नहीं होती।
जब ज्वारभाटा, लहर, उफान
लहराता है — जब वह मग्न होता है —
खिलाने के लिए, पिलाने के लिए,
सुधा-सी मीठी-मीठी भावभंगिमाएँ,
नए संसार की सृष्टियाँ —
काव्य-कृतियों का रस पीकर,
कवि मतवाले, नशे में दिखते हैं।
और फिर भी कविता हमेशा कच्ची-सी रहती है।
कहीं-कहीं बैसाखी के सहारे भी
वे रेंगते रहते हैं —
मन में शहादत की ओर बढ़ते शब्द।
हाँ — वही कविता है।
कविता १६
पुकार
ए भारत,
हामीलाई पनि यही बस्नको निम्ति
यो भूभाग नामजारी गरिदेऊन
बिनाशर्त हामी तिम्रो निम्ति मरिसक्यौं
अब पनि मर्न पछि पर्दैनौ
हामी संधै इमानदारी पनि छौं
यसकारण,
यो भूभाग नामजारी गरिदेउन।
आमाको काखनै न्यानो हुन्छ रे
हामीलाई पनि गंगारूपी स्तनपान गर्न देउन
आमाकै निम्ति बीरगति प्राप्त गर्छौं
यहीं बास बस्न त देउन
हामी तिम्रै सन्तान हौं
निर्धक्क चित्तामा जल्न त देउन।
शान दिन्छौं तिमीलाई
मान दिन्छौं तिमीलाई
शहीद भएर यही माटोमा
चिसो निन्द्रा सुत्न त देउन
जन्मिनेहरूलाई बाँच्न र मरेकाहरूलाई गाडून
यो भूभाग नामजारी गरिदेउन।
English Translation
O India —
register this land in our name too,
so that we may live here.
Without condition we have already died for you;
we will not lag behind in dying again.
We are always honest too —
for this reason,
register this land in our name.
A mother's lap is the warmest, they say —
let us too suckle at the breast of the Ganges.
For the mother herself we shall meet a warrior's end —
at least let us dwell here.
We are your own children —
at least let us burn on the pyre freely.
We will give you dignity,
we will give you honour.
As martyrs on this very soil —
at least let us sleep the cold sleep.
Let the living live, let the dead be buried —
register this land in our name.
हिन्दी अनुवाद
ए भारत —
हमें भी यहाँ रहने के लिए
यह भू-भाग नामजारी कर दो।
बिना शर्त के हम तुम्हारे लिए मर चुके हैं;
अब भी मरने में पीछे नहीं हटेंगे।
हम हमेशा ईमानदार भी हैं —
इसलिए,
यह भू-भाग नामजारी कर दो।
माँ की गोद ही गर्म होती है, कहते हैं —
हमें भी गंगा-रूपी स्तनपान करने दो।
माँ के ही लिए वीरगति प्राप्त करेंगे —
यहाँ बसने तो दो।
हम तुम्हारे ही बच्चे हैं —
बेधड़क चिता पर जलने तो दो।
तुम्हें शान देंगे,
तुम्हें मान देंगे।
शहीद होकर इसी माटी में —
ठंडी नींद सोने तो दो।
जन्म लेने वालों को जीने दो, मरने वालों को दफनाने दो —
यह भू-भाग नामजारी कर दो।
कविता १७
यहाँ यस्तै भएछ
भत् भत् पोल्दै थियो
फोका लचेप्रै निस्किँन्दै थिए
उ बेस्सरी चिच्याउँथी
डाँको छोडेर रून्थी
अनि भेला भएकाहरूले भन्थे -
किन? के भो र रोएकी यसरी?
उ भन्थी लौन न गुहार गुहार
पानी खन्याई देऊन
मलाई पोल्दै छ
बाँच्न कठीन भो।
अचम्म ! यो के भएकी?
शायद बौलाहीछ क्यार
बेहोशी कुरा गर्दैछे
जानपा लगाउनु पर्ला!
साँच्चै कुरा के हो?
तिमी राम्ररी भनन
कतै समाधान पाइन्छ कि?
अनि तिम्रो परिचय देऊ
तिमी को हौं?
प्रत्युत्तरमा उ बोल्छे....
यो संसार तातिदैछ
अनि म हुँ - प्रकृति।
दिन दिन बिग्रदैछ
मेरो आकृति।
English Translation
She was burning, blistering —
blisters breaking out raw.
She screamed without restraint,
she wept with an uncontrolled cry.
And those who had gathered said:
why? what happened — why cry like this?
She said: please, help! help!
Pour water over me —
I am burning.
It is hard to survive.
What is this! What has happened to her?
She must be mad, they said —
she is speaking in a daze.
She should be seen by a specialist!
But what really happened?
Tell us clearly —
perhaps a solution can be found.
And tell us who you are.
Who are you?
In reply she spoke…
This world is heating up —
and I am Nature.
Day by day
my form is being destroyed.
हिन्दी अनुवाद
वह जल रही थी, फफोले उठ रहे थे —
कच्चे फफोले फूट रहे थे।
वह बेतहाशा चीख रही थी,
ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी।
और जमा हुए लोग कहने लगे:
क्यों? क्या हुआ — इस तरह क्यों रो रही हो?
वह बोली: कृपया, बचाओ, बचाओ!
मुझ पर पानी डालो —
मैं जल रही हूँ।
जीना मुश्किल हो गया।
अरे! यह क्या हो गया इसे?
यह पागल लगती है, उन्होंने कहा —
बेहोशी में बोल रही है।
किसी विशेषज्ञ को दिखाना होगा!
पर असल में क्या हुआ?
ठीक से बताओ —
शायद कोई हल मिले।
और बताओ तुम कौन हो।
तुम कौन हो?
जवाब में वह बोली…
यह संसार गर्म होता जा रहा है —
और मैं हूँ — प्रकृति।
दिन-दिन बिगड़ती जा रही है
मेरी आकृति।
कविता १८
म मरेछु
मलाई त लाग्दथ्यो
कि म जिउँदै छु
तर म त मरिसकेछु
मलाई त कसैले जीउँदो हत्या गरेछ
नखोतलिएको चिहानभित्र
नसजाएको चितामाथि
न म देशको निम्ति शहीद भएँ
न त जिन्दगीदेखि हार्ने मृत्यु भएँ
तर म मरेछु
यो सपना पनि होइन
विपनाभित्रै मरेछु
मेरा सबै अधिकारहरू
खोसिएर मरेछु
र त म मरेछु।
अघोषित सम्बन्धबाट
जन्मिएको शिशुझै मारिएछु
अमूक पशुझै काटिएर मरेछु
मैले मलाई खोज्दै जाँदा
पो म मरेछु
यसकारण म मरेछु
अरू उभिएको लहरमा त म
दिवंगत भएछु
उफ्रिनै नसक्ने भ्यागुतोझै
कुवामा मरेछु
साथी खोज्दै जाँदा
निस्सासिएर मरेछु
आमा खोज्दै खोज्दै जाँदा
मृगतृष्णा भई म त
मरूभूमिमै मरेछु।
English Translation
I thought
I was alive —
but I have already died.
Someone murdered me while I still lived.
In an undug grave,
on an unadorned pyre —
I did not become a martyr for my country,
nor did I die the death that defeats life.
But I have died.
This is not even a dream —
I have died within wakefulness itself.
All my rights
stripped from me — I have died.
And so I have died.
From an unacknowledged bond,
I was killed like an unwanted newborn;
slaughtered like a nameless animal.
Going in search of myself —
that is when I died.
Therefore I have died.
Among those who stand upright, I —
I have departed.
Like a frog that cannot leap,
I have died in the well.
Going in search of a friend,
gasping for breath, I have died.
Going in search of my mother, searching and searching —
I became a mirage
and died in the desert.
हिन्दी अनुवाद
मुझे लगता था
कि मैं जीवित हूँ —
पर मैं तो मर चुका हूँ।
किसी ने मुझे जीते-जी मार दिया।
न खोदी हुई कब्र में,
न सजाई हुई चिता पर —
न मैं देश के लिए शहीद हुआ,
न जिंदगी से हारने वाली मौत मरा।
पर मैं मर गया।
यह सपना भी नहीं है —
जागते हुए ही मर गया।
मेरे सारे अधिकार
छीनकर मर गया।
इसलिए मैं मर गया।
एक अघोषित रिश्ते से
नवजात की तरह मार दिया गया;
किसी अनाम पशु की तरह काटा गया।
खुद को ढूँढते हुए निकला —
तभी मैं मर गया।
इसलिए मैं मर गया।
जो भीड़ खड़ी थी उसमें, मैं —
चला गया।
कुएँ में उछल न सकने वाले मेढक की तरह
कुएँ में मर गया।
दोस्त ढूँढते हुए
साँस रुककर मर गया।
माँ ढूँढते-ढूँढते जाते हुए —
मृगतृष्णा बनकर
रेगिस्तान में ही मर गया।
कविता १९
कर्त्तव्य
अब म यस्तो मराई पटक्कै मर्दिन
मेरो जीर्ण शरीरका हाड छालाहरू
च्यादिदेऊ, फ्याँकिदेऊ
मुटु लगेर कहीं कतै राखिदेऊ
शिर छुट्याएर गाडीदेऊ
तर यस्तो मराई पटक्क मर्दिन।
पूर्खाको चिहान खोतली हेर
त्यहाँ मासी सडिएको छैन
भोकै मर्ने लाहुरेको चितालाई सोध
उसको खुकुरीमा खिया लागेको छैन
शहीदहरूका पत्निहरूलाई हेर
उनीहरूको मुहार हाँसेकै हुन्छ
टुहुरो छोराको विचार उघारेर हेर
माटोको निम्ति लड्छु भन्ने
मनसाय साँचेको हुन्छ।
तिमीले दिएको चेतावनी
मेरो ज्ञान हो
म दिन्न भन्नु
तिम्रो अभिमान हो
म जसरी भएपनि लिनेछु
त्यही मेरो शान हो।
English Translation
I will never die this kind of death again —
tear apart the bones and skin
of my worn-out body,
throw them away —
take my heart and keep it somewhere else,
sever my head and bury it —
but I will never die this kind of death.
Dig open an ancestor's grave and look:
the marrow has not rotted there.
Ask the pyre of the soldier who died hungry —
his khukuri has not rusted.
Look at the widows of the martyrs —
their faces still wear a smile.
Open up the thoughts of the fatherless son and look —
the resolve to fight for the soil
is kept there.
The warning you gave me
is my knowledge.
Your saying you will not give
is your pride.
However it may be, I shall take it —
that is my glory.
हिन्दी अनुवाद
अब मैं इस तरह की मौत हरगिज़ नहीं मरूँगा —
मेरे जर्जर शरीर की हड्डियाँ और खाल
उखाड़ फेंको, फेंक दो —
दिल लेकर कहीं और रख दो,
सिर काटकर दफना दो —
पर इस तरह की मौत हरगिज़ नहीं मरूँगा।
पूर्खों की कब्र खोदकर देखो:
वहाँ गूदा नहीं सड़ा।
भूखे मरे फौजी की चिता से पूछो —
उसकी खुकरी में जंग नहीं लगा।
शहीदों की विधवाओं को देखो —
उनके चेहरे अब भी मुस्कुराते हैं।
अनाथ बेटे के विचार खोलकर देखो —
माटी के लिए लड़ूँगा का संकल्प
वहाँ सँजोया हुआ है।
तुमने जो चेतावनी दी
वह मेरा ज्ञान है।
तुम्हारा नहीं दूँगा कहना
तुम्हारा अभिमान है।
मैं जैसे भी हो, लेकर ही रहूँगा —
यही मेरी शान है।
कविता २०
म स्वतन्त्र कैदी भएँ
म कसरी यस्तो भएँ
थाहै भएन
न कसुर, न बिराम
न हत्या न अपराध
न घर झगडा
न छिमेकीमा मन मुटाउ
यो निलो आकाश मुनि
म कसरी यस्तो भएँ
म स्वतन्त्र कैदी भएँ।
म हिड्दैछु गोडामा ठिंगुरा छैन
दुवै बाहु पुलकित छन्
त्यहाँ हातकडी छैन
शौचालय जाँदा
प्रहरीहरू पछ्याउँदैनन्
तर मेरो आवाज
कसैले सुन्दैनन्
म कसरी यस्तो भएँ र
म स्वतन्त्र कैदी भएँ
मैले उत्सर्ग नगरेको होइन
मैले सिमाना नकुरेको होइन
मैले भोक भोकै कति रात काटें
मेरा छात्तीका तक्माहरूले
मलाई धिक्कार्दै थिए
मेरा सन्तति मलाई गलहत्याउँदै थिए
म कसरी यस्तो भए
म स्वतन्त्र कैदी भएँ।
मैले त्रिरंगलाई आत्मासाथ गरें
मैले राष्ट्रगानमा धून भरें
मत दिवा स्वप्न झें
मूल्यहीन भएँ
मैले तिमीलाई के बिराँए?
र म यसरी स्वतन्त्र कैदी भएँ
के म साँच्चै स्वतन्त्र भएँ?
English Translation
How did I become this?
I did not even know —
no offence, no crime,
no murder, no wrongdoing,
no quarrel at home,
no bad blood with a neighbour.
Under this blue sky
how did I become this?
I became a free prisoner.
I walk — there are no shackles on my legs.
Both arms are free —
there are no handcuffs there.
Going to the toilet,
the police do not follow me.
But my voice —
no one hears.
How did I become this?
I became a free prisoner.
It is not that I did not sacrifice.
It is not that I did not guard the border.
How many nights did I spend hungry?
The medals on my chest
were shaming me.
My children were clinging to my neck.
How did I become this?
I became a free prisoner.
I made the tricolour my very soul.
I filled the national anthem with my breath.
My vote became like a daydream —
valueless.
In what way did I wrong you?
And so I became a free prisoner this way.
Was I truly free at all?
हिन्दी अनुवाद
मैं कैसे ऐसा बन गया?
पता ही नहीं चला —
न कोई गुनाह, न कोई अपराध,
न हत्या, न कोई दोष,
न घर में झगड़ा,
न पड़ोसी से मनमुटाव।
इस नीले आसमान के नीचे
मैं कैसे ऐसा बन गया?
मैं स्वतंत्र कैदी बन गया।
मैं चलता हूँ — पैरों में बेड़ियाँ नहीं हैं।
दोनों बाहें स्वतंत्र हैं —
वहाँ हथकड़ी नहीं है।
शौचालय जाते समय
पुलिस पीछे नहीं आती।
पर मेरी आवाज़ —
कोई नहीं सुनता।
मैं कैसे ऐसा बन गया?
मैं स्वतंत्र कैदी बन गया।
ऐसा नहीं है कि मैंने बलिदान नहीं दिया।
ऐसा नहीं है कि मैंने सीमा पर पहरा नहीं दिया।
कितनी रातें भूखे गुज़ारीं!
मेरी छाती के तमगे
मुझे धिक्कार रहे थे।
मेरे बच्चे मेरी गर्दन से लिपटे थे।
मैं कैसे ऐसा बन गया?
मैं स्वतंत्र कैदी बन गया।
मैंने तिरंगे को अपनी आत्मा बनाया।
मैंने राष्ट्रगान में सुर भरा।
मेरा वोट दिवास्वप्न-सा —
मूल्यहीन हो गया।
मैंने तुम्हें क्या नुकसान पहुँचाया?
और इस तरह मैं स्वतंत्र कैदी बन गया।
क्या मैं सच में स्वतंत्र था?
कविता २१
दार्जीलिङको हुस्से
के घमाइलो के सेपिलो
के झरी के बतास
दार्जीलिङमा यो हुस्से छँदैछ।
दार्जीलिङ, घूम, जोरबंग्लो
पुरानो गोर्खा धूम सबैतिर
सुके, मिरिक, मानेभञ्ज्याङ
टंग्लु, फालेलुङ र रिम्बिकसम्म
कालेबुङको रमणीय गाउँ पाखादेखि
तराईका वरिपरि
खरसाङदेखि सिलगुडीहुँदै
दार्जीलिङ जिल्लाको परिधिभरी
यो हुस्से छँदैछ।
यो हुस्सेले ठ्याम्मै सञ्चो दिएन
कहिले त वाहन-वाहान ठोकिने
कहिले भने हिउँदा हिँड्दै सासै रोकिने
बाली सप्रिनै नसक्ने
यो के दशा भयो
अब त मान्छेलाई पनि लाग्ने
एक प्रकारको नशा भयो।
English Translation
Sun or shade,
rain or wind —
in Darjeeling this fog persists.
Darjeeling, Ghoom, Jorbungalow —
old Gorkha glory everywhere:
Sukna, Mirik, Manebhanjyang,
Tonglu, Phalut, and as far as Rimbick,
from the beautiful villages and slopes of Kalimpong
to all the surrounding foothills —
from Kurseong through Siliguri
throughout the entire district of Darjeeling —
this fog persists.
This fog gave no comfort at all —
sometimes vehicles crashing into each other,
sometimes breath stopping in the snowfall,
crops unable to ripen.
What has happened here?
Now it is even getting to people —
a kind of intoxication has taken hold.
हिन्दी अनुवाद
धूप हो या छाँव,
बारिश हो या हवा —
दार्जिलिंग में यह कोहरा बना ही रहता है।
दार्जिलिंग, घूम, जोरबंगला —
पुरानी गोर्खा धूम हर जगह:
सुकना, मिरिक, मानेभञ्ज्याँग,
टंगलू, फालुट और रिम्बिक तक,
कालिम्पोंग के सुरम्य गाँव और ढलानों से
और तराई के आस-पास —
खरसांग से सिलिगुड़ी होते हुए
दार्जिलिंग जिले की पूरी सीमा में —
यह कोहरा बना ही रहता है।
इस कोहरे ने चैन ही नहीं दिया —
कभी वाहन आपस में टकरा जाते,
कभी बर्फबारी में चलते-चलते साँस रुक जाती,
फसल पकने में नाकाम।
यह क्या हाल हो गया!
अब तो लोगों को भी लगने लगा —
एक तरह का नशा छा गया।
कविता २२
हाम्रो देश मोती भएछ
कति मजाको दिन
झरी टरी सक्नसाथ
हाम्रो देश मोती भएछ
गगनले कुक्कु गरेछ
लेक र व्यासीले मिलन भरेछ
हाम्रो देश मोती भएछ।
पंक्षीहरूमा जोश थिएन
घामको न्यानो रोश थिएन
निथुक्क भुंगाहरू निहुरिरहे
पुषले बेखुश बनाउन खोज्यो
दुई मुट्ठी जाडो सेवन
धूवाँहरू उक्लिदै थिए
हाम्रो देश मोती भएछ।
आँगनदेखि हिमालसम्म
भूइँदेखि आकाश सम्म
रूवा जस्तै फ र र उडेछ
थोपा थोपामा बिलिन भएछ
हेर हाम्रो देश मोती भएछ।
English Translation
What a splendid day —
as soon as the rain stopped,
our land became a pearl.
The sky cooed with joy,
the highlands and lowlands filled with reunion —
our land became a pearl.
The birds had no spirit,
the sun offered no warm welcome.
Utterly drenched, the bees hung low;
the month of Poush tried to bring gloom —
breathing in two fistfuls of cold,
smoke was rising upward.
Our land became a pearl.
From courtyard to Himalaya,
from the ground to the sky —
like cotton it flew free,
dissolved drop by drop.
Look — our land has become a pearl.
हिन्दी अनुवाद
कितना शानदार दिन है —
जैसे ही बारिश रुकी,
हमारी धरती मोती बन गई।
आकाश ने कुहू गाई,
लेक और मैदान ने मिलन किया —
हमारी धरती मोती बन गई।
पक्षियों में जोश न था,
धूप का गर्म स्वागत न था।
पूरी तरह भीगे भौंरे झुके रहे;
पूस ने उदास बनाने की कोशिश की —
दो मुट्ठी जाड़ा पी रहे थे,
धुआँ ऊपर उठता जाता था।
हमारी धरती मोती बन गई।
आँगन से हिमालय तक,
ज़मीन से आसमान तक —
रुई की तरह उड़ा,
बूँद-बूँद में घुल गया।
देखो — हमारी धरती मोती बन गई।
कविता २३
त्यो पाठ नपढाए हुन्थ्यो
दिक्क लाग्छ, झिञ्जट लाग्छ
निन्द्रा लाग्छ
पुराना थोत्रा बीरताका कथा पढ्दा
सिंहासन आरोहण गर्यो रे
अनि युद्ध लडे अरे
पैंतालिस मिनटको समय यो
अरू केही सिक्न पाए पो भन्ने लाग्छ
विषय परिवर्तनको सांकेतिक घण्टी बजेपछि
कक्षामा शिक्षक आउन लागेको देखेर
बिरमाइलो लाग्छ,
कुनै खोजपूर्ण विषय भए
जाँगर लाग्थ्यो होला सायद
यसैले इतिहासको अत्तिरिक्त समयमा
म अनुपस्थित रहन्छु
भर्खरै पाठशालाको अनुहार देखेका हामी
बाबर र हुमायूँको कथा पढ्दा
समय नष्ट भएको महसुस हुन्छ
ग्रह, नक्षत्र र धरातलका
प्राणी विज्ञान र र्सिजनात्मक विषयभित्र डुबेर
वैज्ञानिक हुने रहर
इतिहासले समय बिताईदिन्छ
यसलाई तिलाञ्जली दिएर
बरू अब
इतिहास आफ्नै पढे हुन्थ्यो?
गोर्खे सन्तानले गरेको
त्याग र बलिदान
इतिहासमा लेखिए हुन्थ्यो।
English Translation
I am disgusted, I am irritated —
I feel sleepy
reading these old, worn-out tales of heroism:
someone climbed a throne, it is said,
and fought wars, they say.
Forty-five minutes of time —
I think: if only I could learn something else.
When the signal bell rings for a change of subject
and I see the history teacher about to enter the classroom
I feel restless.
If it were some enquiry-based subject
perhaps I might have felt some energy.
That is why, in the extra hour for history,
I am absent.
We who have just seen the face of school —
reading the stories of Babur and Humayun,
time feels wasted.
Immersed in planets, stars, the earth,
biology and creative subjects —
the desire to become a scientist.
History passes time away —
offering it farewell now,
would it not be better
to read history of our own?
The sacrifice and devotion
made by the children of Gorkha
should have been written in history.
हिन्दी अनुवाद
मन ऊबता है, झुंझलाहट होती है —
नींद आती है
वीरता की इन पुरानी, घिसी-पिटी कहानियों को पढ़कर:
किसी ने सिंहासन पर चढ़ाई की, कहते हैं,
और युद्ध लड़े, कहते हैं।
पैंतालीस मिनट का यह समय —
मन कहता है: काश कुछ और सीख पाता।
विषय-बदल की संकेत घंटी बजने के बाद
इतिहास के शिक्षक को कक्षा में आते देखकर
मन बेचैन हो जाता है।
अगर कोई खोजपरक विषय होता
तो शायद कुछ उत्साह आता।
इसीलिए, इतिहास के अतिरिक्त समय में
मैं अनुपस्थित रहता हूँ।
हम जिन्होंने अभी-अभी पाठशाला का मुँह देखा है —
बाबर और हुमायूँ की कहानियाँ पढ़कर
समय बर्बाद लगता है।
ग्रह, नक्षत्र, पृथ्वी,
प्राणी विज्ञान और सृजनात्मक विषयों में डूबकर —
वैज्ञानिक बनने की ललक।
इतिहास समय गुज़ारता है —
इसे विदाई देकर,
बेहतर न होता
अपना इतिहास खुद पढ़ा होता?
गोर्खे बच्चों ने जो
त्याग और बलिदान किया
वह इतिहास में लिखा जाना चाहिए था।
कविता २४
पथिक
ए पथिक…
तिमी कता हिँड्यौ हैं?
अनुहारमा कान्ती बोकेर
घरी मुस्काउँदै घरी सुस्ताउँदै
आकाशगंगा झै सरल शान्त भएर
थकाइहरूलाई बलेसीमा बिसाउन
फेरी बिहान ल्याउन अस्ताएको सूर्य बोकेर
सागरमा टल्किएको चन्द्रमाको टीको लगाएर
सागरको साडी पहिरिएर
हरियालीको पोते लगाएकी
क्षितिजको घुम्टो ओडेर
इन्द्रेणीको सिन्दुर लगाएकी
प्रकृतिसंग अंगालो हाली…
ए पथिक…
तिमी कहिले फर्किन्छौ हैं?
बिहानीलाई साथ लिएर
शितमाथी पाइला पाइला टेकी
प्रकृति परीको भाइटिको लाउन।
English Translation
O wayfarer —
where have you set off?
Carrying radiance on your face,
now smiling, now pausing to rest —
calm and clear as the Milky Way,
leaning your weariness upon a stone seat
to bring the morning again, carrying the set sun —
wearing the mark of the moon gleaming on the sea,
donning the sea itself as a robe,
wearing the garland of green —
with the horizon's veil drawn over you,
wearing the rainbow as vermilion —
embracing nature in your arms…
O wayfarer —
when will you return?
Taking the morning with you,
stepping foot by foot upon the dew
to receive the Bhai Tika mark from nature's fairy.
हिन्दी अनुवाद
ए पथिक —
तुम कहाँ चल पड़े?
चेहरे पर कांति लेकर,
कभी मुस्कुराते, कभी सुस्ताते —
आकाशगंगा-सी सरल शांत होकर,
थकान को मील के पत्थर पर रखकर,
सुबह को फिर लाने के लिए डूबते सूर्य को लिए —
सागर में चमकते चंद्रमा का तिलक लगाकर,
सागर को साड़ी-सा पहनकर,
हरियाली की पोती पहनकर —
क्षितिज का घूँघट ओढ़कर,
इंद्रधनुष को सिंदूर-सा लगाकर —
प्रकृति को अपनी बाहों में समेटे…
ए पथिक —
कब लौटोगे तुम?
सुबह को साथ लेकर,
ओस पर कदम-कदम चलकर
प्रकृति की परी से भाईटीका लगवाने।
कविता २५
अचेल उ किन रिसाउँछे?
म उसलाई हेरिरहन्थे
तर उ भने झन ठुस्किन्थी
नजिक पुगेर अनुहार नियाल्न मन पर्थ्यो
तर धकाउँथे।
निरन्तरता थियो संधैको
किन खुशी थिइन उ?
पतझड भएका उराठलाग्दा वनभित्र पसी
उ सुटुक्क लुक्थी
सुसेलेर बोलाउन नसक्ने थिएँ म।
धेरै बसन्त र झरी खाईसकेकी
उ मधुर थिई
जिज्ञासा रह्यो कौतुहलता लाग्यो
मैले क्षितिजलाई सोधें
त्यहाँ प्रत्युत्तर थिएन
फेरि उषालाई सोधें र जवाफ पाँए
तिमीसंग मात्र कहाँ हो र?
उ त मान्छे सबैसंग रिसाएकी छे
किनकी
पौधाहरूको निर्मम हत्या भएको छ।
English Translation
I kept watching her —
but she would only bristle more.
I wanted to go close and observe her face —
but she would push me away.
It was always the same — a constancy.
Why was she unhappy?
Entering a bare and dispiriting autumn forest
she would slip away quietly.
I was unable to call out to her.
Having passed through many springs and rainy seasons —
she was sweet.
Curiosity grew in me, wonder too.
I asked the horizon —
no answer there.
Then I asked the dawn and received my reply:
It is not just with you, is it?
She is angry with all people —
because
the plants are being killed without mercy.
हिन्दी अनुवाद
मैं उसे देखता ही रहता —
पर वह और भी अकड़ती जाती।
पास जाकर चेहरा निहारने की इच्छा होती —
पर वह धकेल देती।
हमेशा ऐसा ही था — एक निरंतरता।
वह खुश क्यों नहीं थी?
पतझड़ में उजड़े, उदास जंगल में घुसकर
वह चुपचाप छिप जाती।
मैं उसे आवाज़ लगाने में असमर्थ था।
कितने बसंत और बारिशें झेल चुकी थी —
वह मधुर थी।
जिज्ञासा जागी, आश्चर्य भी।
मैंने क्षितिज से पूछा —
वहाँ कोई जवाब न था।
फिर उषा से पूछा और उत्तर मिला:
क्या केवल तुम्हारे साथ ही है भला?
वह तो सभी लोगों से नाराज़ है —
क्योंकि
पौधों की निर्मम हत्या हो रही है।
कविता २६
अहो मान्छे
मान्छेको बस्तीभरि मान्छे
हजुर, तपाई, म, तिनी, उनी
अहो कति बुद्धिमानी मान्छे।
मान्छे किनिन्छन्, मान्छे बेचिन्छन्
मान्छे गुड्छन्, मान्छे उड्छन्
ग्रह ग्रहमा मान्छे पुग्छन्
जल, थल र नभमा मान्छे
आज जताततै विकशित मान्छे।
रून्छन् मान्छे हाँस्छन् मान्छे
देवता दानव मान्छे मान्छे
भोको, नाङ्गो, ज्ञानी, मूर्ख
धर्मी, पापी हामी मान्छे।
रोगी, बैध्य, अवतार मान्छे
शासक, शोषित दुवै मान्छे
कानुन मान्छे कैदी मान्छे
रूप एउटै अनुहार भिन्नै
डल्ले, लाम्चे, कालो, गोरो
स्त्री पुरूष सबै मान्छे।
दर्शक मान्छे, दार्शनिक मान्छे
सुन्ने सुनाउने त्यै हो मान्छे
तैपनि एउटा यस्तो मान्छे
सबलाई वशमा राख्छ मान्छे।
English Translation
In the settlements of humans, humans fill every space —
you, you (formal), I, they, those.
O how clever is the human.
Humans are bought, humans are sold —
humans roll on, humans fly.
Humans reach from planet to planet.
In water, on land, in the air — human —
today the developed human is everywhere.
Humans weep, humans laugh —
god, demon — all are human.
Hungry, naked, learned, foolish,
righteous, sinful — we are human.
Sick, physician, avatar — human.
Ruler and the oppressed — both human.
Law and prisoner — human.
One form but faces many —
round, tall, dark, fair —
woman and man — all human.
The spectator is human, the philosopher is human —
the one who listens and the one who speaks are the very same human.
And yet there is one such human
who keeps all others under his grip — human.
हिन्दी अनुवाद
मनुष्यों की बस्ती में मनुष्य भरे हुए —
आप, तुम, मैं, वे, वो।
अहो, कितना चतुर है मनुष्य।
मनुष्य खरीदे जाते हैं, बेचे जाते हैं —
मनुष्य लुढ़कते हैं, उड़ते हैं।
मनुष्य ग्रह-ग्रह तक पहुँचते हैं।
पानी में, ज़मीन पर, हवा में — मनुष्य —
आज जहाँ-तहाँ विकसित मनुष्य।
रोते हैं मनुष्य, हँसते हैं मनुष्य —
देव, दानव — सब मनुष्य।
भूखा, नंगा, ज्ञानी, मूर्ख,
धर्मी, पापी — हम मनुष्य।
रोगी, वैद्य, अवतार — मनुष्य।
शासक और शोषित — दोनों मनुष्य।
कानून और कैदी — मनुष्य।
एक रूप पर चेहरे अनेक —
गोल, लंबा, काला, गोरा —
स्त्री और पुरुष — सब मनुष्य।
दर्शक मनुष्य, दार्शनिक मनुष्य —
सुनने और सुनाने वाला भी वही मनुष्य।
और फिर भी एक ऐसा मनुष्य है
जो सबको अपनी मुट्ठी में रखता है — मनुष्य।
कविता २७
प्रणय
कौतुहल थियो संधैं
गोरेटो कुरेर बस्ने
धरती र क्षितिजको प्रणय जस्तै
आलिंगनमा बाँधिने।
आइन् कुनै दिन उनी
फक्रन्दो गुलाफ जस्तै
पिरथी अट्टाई छात्तीमा
दिलभर मोह भर्दै।
उसको आगमन थियो
जीवनको मिलन थियो
बेहुला र बेहुली बनी
मण्डपमा सजिने रहर थियो।
धडकन दुइ आलिंगन एक
नछुटिने कसम बाचा बन्देज
पवित्र मिलन अर्कै संसार
कल्पनाले पुग्यौं उसपार।
दुवै नयाँ साइनो भित्र
प्रणय बन्धन संसार बिचित्र
रक्तिम सिउँदो लगन गाँठो
एकदिन फेरि बिलिन भयो
मलामीको लाम भित्र
प्रणय रोयो शुन्यसित।
English Translation
There was always a curiosity —
to wait beside the path,
like the love of earth and horizon —
to be held in an embrace.
She came one day
like a blooming rose —
filling the chest with longing,
filling the heart with enchantment.
Her arrival was
the union of a lifetime.
To become bridegroom and bride
adorned in the wedding pavilion — that was the desire.
Two heartbeats, one embrace —
an unbreakable vow, oath, and bond.
A sacred union — another world entirely —
imagination carried us to its far shore.
Bound in a new tie between the two,
the world of love's bond is wondrous.
The vermilion parting, the wedding knot —
one day it dissolved again
within the line of the funeral procession.
Love wept — with the void.
हिन्दी अनुवाद
हमेशा एक जिज्ञासा थी —
रास्ते के किनारे बैठकर इंतज़ार करने की,
धरती और क्षितिज के प्रेम-सा —
आलिंगन में बँध जाने की।
वह एक दिन आईं
खिले हुए गुलाब-सी —
सीने में पीर भरते हुए,
दिल को मोहित करती।
उनका आगमन था
जीवन का मिलन।
दूल्हा और दुल्हन बनकर
मंडप में सजने की इच्छा थी।
दो धड़कन, एक आलिंगन —
न टूटने वाला वादा, कसम, बंधन।
पवित्र मिलन — बिल्कुल दूसरी दुनिया —
कल्पना उस पार तक ले गई।
दोनों के बीच एक नए बंधन में,
प्रेम-बंधन की दुनिया विचित्र।
लाल सिंदूर, शादी की गाँठ —
एक दिन फिर विलीन हो गए
मातम के जुलूस में।
प्रेम रोया — शून्य के साथ।
कविता २८
एउटा तीतो सत्य
हल्का निलो पोशाक
लगाएकी त्यो बाला
रूँदै रूँदै मेरो
गाउँले परिवेशबाट हिँडीरहन्थी
तिनको नाउँ जान्ने अभिप्राय थियो नै
बेखुश लाग्यो र प्रश्नहरू लुप्त हुन्थे
महिनाहरू नाउँ साटासाट गर्दै
एकपछि अर्को आउने काम जारी थियो
चैत बैशाखले मलाई कानेखुशी गरे
पुलुक्क हेरेछु र आफैं शर्माए
उ धैलो मैलो पहिरणमा निरूत्तर
अबाटोहरू भएर कता जाँदै थिई
शायद यो अवस्था मैले नै र्सिजना गरेको हुँ
मलाई लाग्यो।
एक दिन विचरी उ नग्न भएर
भीर-पाखाहरू सोहोर्दै
चारैतिर हाहाकार मच्चाउँदै दौडन्थी
हामी सबै अवाक भयौं
त्यसपछि ठूलो सहास लिएर
मैले उसको नाम सोधें
उसले चिच्याउँदै भनी
तिमीहरूजस्ता चरित्रहीन
आधुनिक मान्छेहरूबाट फालिएकी
म हुँ सरिता।
English Translation
That girl in a pale-blue dress
crying and crying
was walking away
from my village setting.
I had the intention of learning her name —
something felt off and the questions vanished.
Months kept coming and going, exchanging names
one after another.
Chaitra and Baishakh whispered in my ear.
I glanced and felt ashamed of myself.
She was wordless in her faded, dirty clothes,
walking off toward unknown roads —
perhaps this condition I myself created,
I felt.
One day the poor thing, naked,
scouring through cliffs and slopes,
running in every direction causing a great commotion —
we were all struck speechless.
Afterwards, gathering great courage,
I asked her name.
She cried out:
Cast aside by characterless
modern people like you —
I am Sarita.
हिन्दी अनुवाद
हल्के नीले पहनावे में वह लड़की
रोते-रोते
मेरे गाँव के परिवेश से
चली जा रही थी।
उसका नाम जानने की इच्छा थी —
कुछ अजीब लगा और सवाल लुप्त हो गए।
महीने नाम बदलते रहे
और एक-एक कर आते रहे।
चैत और बैसाख ने मुझे कानेखुशी की।
मैंने एक नज़र डाली और खुद ही शर्मा गया।
वह मैले-धैले पहनावे में निरुत्तर
अनजान रास्तों पर चली जा रही थी —
शायद यह अवस्था मैंने ही पैदा की हो,
मुझे लगा।
एक दिन वह बेचारी नग्न होकर
भीर-पाखों को रौंदती,
चारों ओर हाहाकार मचाते दौड़ रही थी —
हम सब अवाक हो गए।
उसके बाद, बड़ी हिम्मत करके
मैंने उसका नाम पूछा।
वह चिल्लाकर बोली:
तुम जैसे चरित्रहीन,
आधुनिक लोगों द्वारा फेंकी गई —
मैं हूँ सरिता।
कविता २९
शान्ति
बुझ्न, बुझाउन, विर्चान सके
विश्व साझा सम्पत्ति हो
सारांश एउटै हो
धर्महरूलाई समानतामा राखी हेरौं
ईश एक
दुई लिंग एक जात
संसार एक
घाम पानी बतास
जन्म, मृत्यु
आँशु हाँसो,
व्यथा एक।
बाल्य, युवा, वृद्ध,
भोक, प्यास, बासना
गर्भ इच्छा एक
हाम्रो आस्था विश्वास
प्रणय ममता एक
अल्लाह, येशू, भगवान,
परमेश्वर एक राह अनेक
ॐ शान्ती, विश्व शान्ती
राष्ट्रलाई पारौं शान्ती
नसोचौं हामी क्रान्ती
बुद्धका मन्त्र पढौं
जीवन धन्य गराऊँ।
English Translation
If we can understand, explain, and reflect —
the world is shared property.
There is but one essence.
Let us see all religions as equals —
God is one.
Two genders — one caste.
The world is one.
Sun, rain, wind —
birth, death —
tears, laughter,
suffering — one.
Childhood, youth, old age,
hunger, thirst, longing —
the wish of the womb — one.
Our faith, our belief,
love, tenderness — one.
Allah, Jesus, God,
Parameshwar — one, many roads.
Om shanti, world peace —
let us bring peace to nations;
let us not think of revolution.
Let us recite the mantras of Buddha,
let us make life blessed.
हिन्दी अनुवाद
अगर समझें, समझाएँ, विचार करें —
संसार साझी संपत्ति है।
सारांश एक है।
धर्मों को समानता से देखें —
ईश्वर एक।
दो लिंग — एक जाति।
संसार एक।
धूप, पानी, हवा —
जन्म, मृत्यु —
आँसू, हँसी,
व्यथा — एक।
बचपन, युवावस्था, बुढ़ापा,
भूख, प्यास, वासना —
गर्भ की इच्छा — एक।
हमारी आस्था, विश्वास,
प्रेम, ममता — एक।
अल्लाह, यीशु, भगवान,
परमेश्वर — एक राह, अनेक रास्ते।
ॐ शांति, विश्व शांति —
राष्ट्रों में शांति लाएँ;
क्रांति की न सोचें।
बुद्ध के मंत्र पढ़ें,
जीवन को धन्य बनाएँ।
कविता ३०
परिवर्तन
परिवर्तन चिन्तनको मान्यता
मेरो सोंचाई हो
जून, रातको परिवर्त्तन खोज्छ
तारा गगनको
म दिनको
विचारहरू गति चाहन्छन्
गतिहरू प्रगति
प्रगतिहरू प्रस्तुति
म आँफै परिवर्तन खोज्छु
आकाश कहिले ओर्लन्दैन
हामी त्यतै लाग्छौं
पवन राग गाउँछ
पातहरू नृत्य गर्छन्
चराले छन्द मिलाउँछन्
फूलहरू मरिमरि हाँस्छन्
शिशिर जाल हान्छ
शिखर तुसारो खान्छ
न्याउली उराठ बनाउँछे
जब कोइली कराउँछे
अनि बसन्त आउँछ
उमेरले मृत्यु ल्याउँछ
कोही मर्छन्, कोही पलाउँछन्
धरतीमा परिवर्तन आउँछ।
English Translation
Change is the conviction of thought —
it is my thinking.
The moon seeks the change of night,
the stars that of the sky —
I seek the day's.
Ideas desire motion,
motion desires progress,
progress desires expression.
I myself seek change.
The sky never comes down —
we tend in that direction.
The wind sings its raga,
the leaves dance,
birds set the metre,
flowers smile even as they die.
Winter casts its net,
the peak drinks its frost.
The cuckoo-dove makes one uneasy;
when the cuckoo cries —
spring comes.
Old age brings death,
some die, some sprout anew —
on the earth, change comes.
हिन्दी अनुवाद
परिवर्तन विचार की मान्यता है —
यह मेरी सोच है।
चाँद रात का परिवर्तन खोजता है,
तारे आकाश का —
मैं दिन का।
विचार गति चाहते हैं,
गति प्रगति,
प्रगति अभिव्यक्ति।
मैं खुद परिवर्तन खोजता हूँ।
आकाश कभी नहीं उतरता —
हम उधर ही लगते हैं।
हवा राग गाती है,
पत्तियाँ नृत्य करती हैं,
चिड़ियाँ छंद मिलाती हैं,
फूल मर-मरकर हँसते हैं।
शिशिर जाल बिछाती है,
शिखर तुषार पीता है।
चितकोड़ी उदास करती है;
जब कोयल बोलती है —
बसंत आता है।
उम्र मृत्यु लाती है,
कोई मरता है, कोई नया फूटता है —
धरती पर परिवर्तन आता है।
कविता ३१
तिमी पाठशाला जाउ
छोरी तिमी पाठशाला जाउ
दाइजो दिने बुता छैन
बरू तिमी पाठशाला जाउ
रूप छ तिम्रो लक्ष्य छ
कोक्रो हल्लाउनु त छँदैछ
र त भन्दैछु
तिमी पाठशाला जाउ
सुनको श्रृंगार के श्रृंगार
विद्याको श्रृंगार लगाऊ
आमाको काखभन्दा न्यानो
विद्या पढ्न जाउ
कमल, छालहरूले किनारा लाग्छन्
कस्तुरी बिन्दाले नाशिन्छ रे
कतै रूपले तिमीलाई पनि
विहान फक्रिएको गुलाब जस्तै
घामै नडुबी झर्नसक्ने बनाउला
होसियार र सावधान बस
काँडा बन्ने प्रयास गर
तर तिमी विद्वान बन
छोरी तिमी पाठशाला जाउ।
English Translation
Daughter, go to school —
I have no means to give a dowry;
rather, go to school.
Beauty you have, a goal you have,
rocking the cradle will be there in any case —
and so I say:
go to school.
What adornment is gold jewellery?
Wear the adornment of learning.
Warmer than a mother's lap —
go and read.
The lotus is troubled by the ripples at the shore —
the kasturi deer perishes by its own fragrance, they say.
Perhaps somewhere your beauty too
might make you like a rose that blooms in the morning
and falls before the sun has set —
be alert, be careful.
Try to become a thorn —
but become learned.
Daughter, go to school.
हिन्दी अनुवाद
बेटी, तुम पाठशाला जाओ —
दहेज देने की हैसियत नहीं है;
बल्कि तुम पाठशाला जाओ।
रूप है तुम्हारे पास, लक्ष्य है तुम्हारे पास,
झुनझुना हिलाना तो रहता ही है —
इसीलिए कह रहा हूँ:
पाठशाला जाओ।
सोने के गहने क्या गहना होते हैं?
विद्या का गहना पहनो।
माँ की गोद से भी गर्म —
पढ़ने जाओ।
कमल, तट की लहरों से हिलता है —
कस्तूरी मृग अपनी सुगंध से नाश पाता है, कहते हैं।
कहीं तुम्हारा रूप भी तुम्हें
सुबह खिले गुलाब-सी
धूप डूबने से पहले झरा न दे —
होशियार और सावधान रहो।
काँटा बनने का प्रयास करो —
पर विद्वान बनो।
बेटी, पाठशाला जाओ।
कविता ३२
विवाह
नागबेली त्यो
घुमाउरो बाटो
जन्ती जन्तीको
लस्कर लगाई
तुरही, नरसिंहा
ढोलक बजाई
बत्तीस अक्षरको
माहुर लगाई
बेहुली लिन-बेहुलो आयो।
गजबको एउटा
सन्दुक ल्याई
गहना कपडा
बेहुली लाई
चुरा पोते
सिन्दुर सुपारी
लान्छु बेहुली
खुशी पारी
बेहुली लिन-बेहुलो आयो।
चौबन्दी फरिया
दोबर ल्यायो
सुन चाँदीको
गहना ल्यायो
आज हरायो
कल्ली लाछा
तैपनि छोडदिन
आफ्नो बाचा
लोकन्ते आउ
ओडाऊ छाता
बेहुली लिन-बेहुलो आयो।
सिन्दुर परेपछि
पाउ छुन्छिन्
पराइघर जान
बेहुली रून्छिन्
दुई चार दिन त
प्यारै गर्छन्
पुरानो भएपछि
आँखा तर्छन्
बेहुली लिन-बेहुलो आयो।
मन तुलबुल भो
अलपत्र पर्छन
वर्ष नपुगी
पालीमा सर्छन्
चुलो जलाउने
पालो आयो
खर्च माग्न
ससुराली धायो
दुःख परेपछि
माइत जान्छे
बेहुली लिन-बेहुलो आयो।
English Translation
Winding like a serpent,
the road curves and bends.
The groom's procession — long, trailing —
came with its retinue,
with trumpets and narsingha-horns,
with the dhol beating.
With thirty-two syllables of the wedding song
the groom has come to fetch the bride.
Bringing one splendid chest,
adorned with jewels and fine clothes —
bangles and pearl-strings for the bride,
vermilion and betel nut —
"I shall take the bride
and make her happy" —
the groom has come to fetch the bride.
He brought a chaûbandi robe and a fariya,
brought gold and silver jewellery.
Today, lost —
the kali laccha bangle.
Still I will not break my promise —
come, friends, raise an umbrella:
the groom has come to fetch the bride.
After the sindoor is placed
she will touch his feet.
Going to a stranger's house —
the bride weeps.
For two or four days they show love,
then once familiar, the eyes begin to wander.
The groom has come to fetch the bride.
The heart grows unsteady,
the abandoned ones fall into trouble.
Before a year is out
they move on to another.
The turn has come
to light the hearth.
Running to the in-laws' for money —
when trouble comes
she goes back to her parents.
The groom has come to fetch the bride.
हिन्दी अनुवाद
नागबेली-सा वह
घुमावदार रास्ता।
बारातियों का लंबा लश्कर,
लाव-लश्कर लगाकर —
तुरही, नरसिंहा,
ढोलक बजाकर।
बत्तीस अक्षरों का माहुर लगाकर
दूल्हा दुल्हन लेने आया।
एक बेहतरीन संदूक लाकर,
गहने और कपड़ों से सजाकर —
दुल्हन को चूड़ी-पोती पहनाकर,
सिंदूर और सुपारी —
"दुल्हन को खुश करके ले जाऊँगा" —
दूल्हा दुल्हन लेने आया।
चौबंदी और फरिया लाया,
सोने-चाँदी के गहने लाया।
आज खो गया
काली लाछा।
फिर भी नहीं तोड़ूँगा वादा —
आओ लोग, छाता लगाओ:
दूल्हा दुल्हन लेने आया।
सिंदूर पड़ने के बाद
वह पाँव छुएगी।
पराए घर जाने को
दुल्हन रोएगी।
दो-चार दिन तो प्यार जताते हैं,
पुरानी पड़ने पर आँखें फेर लेते हैं।
दूल्हा दुल्हन लेने आया।
मन उथल-पुथल हो जाता है,
अलपत्र पड़ी बेचारी।
साल नहीं होता
कि अगली के पास चले जाते हैं।
चूल्हा जलाने की
बारी आई।
पैसे माँगने ससुराल दौड़ी —
मुसीबत आने पर
मायके चली जाती है।
दूल्हा दुल्हन लेने आया।
कविता ३३
अधिकार
सेलाएका चुल्हाहरू
जल्न सक्नुपर्छ
आत्तिएका भावनाहरू
समेटिनु पर्छ
शिशुले शान्तीसंग
दूध चुस्न पाउनुपर्छ
भिखारीले भिख नमागि
बाँच्न सक्नुपर्छ
रोगीले औषधी र
निरोगीले रोटी पाउनुपर्छ
नून खाएर गुण गाउँदा
श्यावाश पाउनुपर्छ
विद्वानले विद्याको
संगीतकारले गानको
सिपाहीले कामको
कृषकले उब्जनीको
लेख्नेले लेखाईको
भोकोले गाँसको
नांगोले कपासको
नागरिकले संविधानको
जनताले देशको
गुण गाउनुपर्छ
राष्ट्रले शानको
मान पाउनुपर्छ।
English Translation
Hearths that have gone cold
must be able to burn again.
Frightened feelings
must find their way back in.
The infant must be able to suckle in peace.
The beggar must be able to live
without begging.
The sick must receive medicine,
the well must receive bread.
For eating salt and singing praises
one must receive a word of "Well done."
The scholar — for knowledge,
the musician — for song,
the soldier — for work,
the farmer — for harvest,
the writer — for writing,
the hungry — for a morsel of food,
the naked — for cloth,
the citizen — for the constitution,
the people — for the country —
must sing of worth.
The nation — for its honour —
must receive respect.
हिन्दी अनुवाद
जो चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं
वे जल सकने चाहिए।
डरी हुई भावनाएँ
समेटी जानी चाहिए।
शिशु को शांति से
दूध पी सकना चाहिए।
भिखारी को भीख माँगे बिना
जी सकना चाहिए।
रोगी को दवा मिलनी चाहिए,
स्वस्थ को रोटी।
नमक खाकर गुण गाते
"शाबाश" मिलनी चाहिए।
विद्वान को — विद्या का,
संगीतकार को — गान का,
सिपाही को — काम का,
किसान को — उपज का,
लेखक को — लेखन का,
भूखे को — निवाले का,
नंगे को — कपड़े का,
नागरिक को — संविधान का,
जनता को — देश का —
गुणगान करना चाहिए।
राष्ट्र को — अपनी शान का —
सम्मान मिलना चाहिए।
कविता ३४
अहो कोइली
ए चरी तँ कसकी परी?
किन रूँदैछेस रातभरी?
के बस्ने घर छैन?
किन एकोहोरिएकी?
को कहाँ छ र बोलाएकी
कि निन्द्रा परेन तँलाई
एक प्रहर सुते हुन्न?
त्यो सिरेटोले तँलाई छुन्न?
कि ऋतुराजलाई प्रेम गरिस
न सुटुक्क भाग्यो ऊ र
तँ अलपत्र परिस न ढाँट् है
कतै बिछोड त भएन?
तेरो प्रेमालाप सुन्नेहरू
बिरलै होलान
रूप नभएकी काली
सुरिलो कण्ठ वाली
बसन्तकी प्यारी
रातकी रानी
शायद सुनाउँदैछेस
प्रेम कहानी
जूनकिरीको शिरबन्दी
रातको साडी पहिरिएर
पोल्टोभरीका गीतहरू
एक्लै गाउँदैछेस्
कुन राग हो त्यो बनभरी
कानेखुशी गरिदेन
ए बनकी चरी…।
English Translation
O bird — whose fairy are you?
Why do you weep all night long?
Is there no home to live in?
Why are you so single-minded?
Whom do you call, and where —
or has sleep not come to you?
Can you not sleep even one watch of the night?
Does that cool night breeze not touch you?
Or did you fall in love with the king of seasons
and then — did he slip away quietly
and leave you forsaken — don't pretend now —
could it be a separation has come?
Those who would hear your love-call
must be very rare.
Without beauty — dark one —
sweet-voiced one —
spring's beloved —
queen of the night —
perhaps you are telling
a story of love.
Wearing a crown of fireflies,
robed in the night,
your bundle of songs —
you sing alone.
What raga fills the whole forest?
Whisper it in my ear —
O bird of the wild…
हिन्दी अनुवाद
ए चिड़िया — तुम किसकी परी हो?
रात भर क्यों रोती हो?
रहने को घर नहीं क्या?
इस तरह एकमन क्यों हो?
किसे बुलाती हो और कहाँ —
या तुम्हें नींद नहीं आई?
एक पहर भी न सो सकती हो?
वह सिरेटो हवा तुम्हें नहीं छूती?
या ऋतुराज से प्रेम कर लिया
और फिर — वह चुपचाप चला गया
और तुम अलपत्र पड़ गई — झूठ मत बोलना —
कहीं बिछड़न तो नहीं हुई?
तुम्हारा प्रेम-संगीत सुनने वाले
बिरले ही होंगे।
रूप न हो — काली —
सुरीले कंठ वाली —
बसंत की प्यारी —
रात की रानी —
शायद तुम सुना रही हो
एक प्रेम-कहानी।
जुगनुओं की शिरबंदी लगाए,
रात की साड़ी पहने,
अपनी पोटली भर गीत लिए —
अकेले गाती हो।
कौन-सा राग है वह, जंगल में?
मेरे कानों में कानाफूसी कर दो —
ए वन की चिड़िया…
कविता ३५
पैसा
तिमीले गर्नुसम्म गर्यौ
कसैलाई पासो लगायौ
कतिलाई विष पियायौ
महलमा डरपोकहरू लुकायौ
तकियामा बन्दुक राख्ने बनायौ
कसैलाई विमान चडायौ
कसैलाई कंगाल बनायौ
तिमी नभई नहुने
प्रशस्तै भए त्रास हुने
तिम्रो अनुपस्थितिको महसुस हुने
राजालाई पनि माग्ने गरायौ
आपस्तमा झगडा लगाई
ठूला-ठूला बारूद गनायौ
तेरो मेरो सानो ठूलो
पति-पत्निमा मुद्धा लगायौ
शान मान दियौं दिन
त तर बुझ्नै नसक्ने
वकालती चलायौ
साधु, जोगी, फकिर, सन्यासी
श्रद्धालुलाई तीर्थ पुर्यायौ
तिमीले लिडेढिपी चलाई
नतोकिएको मूल्य उठायौ
यात्रीहरूलाई लुट्न पठायौ
मुंगा, मोति, सुन, चाँदी
चाहे जति किन्नेको आँटी
पण्डित, लामा, झाँक्री, बाजे
तिमीले गर्दा गाजेमाजे
तिमीले जनतामात्र होइन
राष्ट्रलाई पनि
ऋणी तुल्यायौ।
English Translation
You did as much as you could —
you ensnared some,
made others drink poison,
hid the cowardly inside palaces,
made some keep a gun under the pillow,
loaded some onto aeroplanes,
turned others into paupers.
Without you nothing moves,
with too much of you there is terror,
your absence is keenly felt.
Even kings you made to beg.
You set people against each other
and lit the fuse on great explosions.
Mine, yours, small, large —
you filed lawsuits between husband and wife.
You gave dignity and honour one day
then ran such inexplicable advocacy
no one could understand.
Saints, ascetics, mendicants, sannyasis —
you sent the devout on pilgrimages.
You ran your machinations,
charged prices nobody fixed,
sent travellers out to loot.
Coral, pearl, gold, silver —
whoever had the nerve could buy as much as they liked.
Pundits, lamas, shamans, bards —
all made a spectacle of themselves because of you.
You did not merely enslave people —
you put the whole nation
in debt.
हिन्दी अनुवाद
तुमने जितना करना था, कर लिया —
कुछ को पाशे में फँसाया,
कुछ को ज़हर पिलाया,
कायरों को महलों में छिपाया,
कुछ को तकिये में बंदूक रखवाया,
कुछ को हवाई जहाज में बैठाया,
कुछ को कंगाल बना दिया।
तुम बिना कुछ नहीं चलता,
ज़्यादा हो तो डर लगता है,
तुम्हारी अनुपस्थिति का एहसास होता है।
राजाओं को भी माँगने पर मजबूर किया।
आपस में झगड़े लगाकर
बड़े-बड़े बारूद सुलगाए।
मेरा, तेरा, छोटा, बड़ा —
पति-पत्नी में मुकदमे लगाए।
एक दिन शान और मान दिया,
फिर ऐसी वकालत चलाई
जो समझ में न आए।
साधु, जोगी, फ़कीर, संन्यासी —
श्रद्धालुओं को तीर्थ पर पहुँचाया।
तुमने लीड़ा-धीपी चलाई,
बिना तय किए दाम वसूले,
यात्रियों को लूटने भेजा।
मूँगा, मोती, सोना, चाँदी —
जिसकी हिम्मत, जितना चाहे खरीदे।
पंडित, लामा, झाँकरी, बाजे —
तुम्हारी वजह से सब गाजे-माजे।
तुमने सिर्फ लोगों को नहीं —
पूरे राष्ट्र को
ऋणी बना दिया।
कविता ३६
रक्सी
ए रक्सी
तँ कति पाने?
एक कि तीन?
म दुई नखाने
पाए एक
नत्र तीन
किन कि
दुई मत भिन्नता
कि तँ मलाई खा
कि म तँलाई
तँ तीन
बाचा तीन
पार्ने एक
तँ दुई र
म तीन
शान्ती तीन
बाल्यकाल
निन्द्रा र मृत्यु
कारण तीन
देश कानून र जनता
बिवेक तीन
पुस्तक गुरू र म
लोक तीन
स्वर्ग, मर्त्य, पाताल
लौ भन तैले
मलाई लान्छस् कहाँ?
स्वर्ग?
त्यसो भए म जान्न किनकि
तलाई खानेहरू
मलाई सुहाउँदैनन्
मर्त्य?
हो म त्यहीं छु
जहाँ सबै मर्छन
रह्यो पाताल
विष्णुले बलिलाई जस्तै
तैले पाताल लाँदैनस्
तेरो आर्शिवाद
दिगो छैन
पिउन्जेल मज्जा
राजाको हात्ती किन्छस्
र दिँदैछु बिदा
तेरो बानी छैन ठीक
लौ तैंले जति गर्नु
गरिस् मज्जा
अब मेरो परिवेशबाट
अन्त कतै जा...।
English Translation
O raksi —
how many pegs are you worth?
One or three?
I will not take two.
Give me one
or else three.
For this reason —
two is a divided opinion:
either you eat me
or I eat you.
You are three,
your promises are three —
the one who fulfils is one.
You are two, and
I am three.
Peace is three —
childhood,
sleep, and death.
The reasons are three:
country, law, and people.
Wisdom is three:
books, teacher, and I.
The worlds are three:
heaven, earth, and underworld.
Now tell me —
where will you take me?
Heaven?
Then I will not go, for
those who drink you
do not suit me.
Earth?
Yes — I am right there
where all die.
That leaves the underworld —
you won't drag me to the underworld
as Vishnu dragged Bali.
Your blessings
are not lasting.
While one is drinking — pleasure:
you could buy even the king's elephant.
And now I bid you farewell —
your habits are no good.
Well — you did what you had to,
had your fun.
Now, from my life,
leave — and go somewhere far…
हिन्दी अनुवाद
ए रक्सी —
तुम कितने पेग की हो?
एक या तीन?
मैं दो नहीं लूँगा।
मिले तो एक,
नहीं तो तीन।
क्योंकि
दो का मतलब मतभेद:
या तो तुम मुझे खाओ
या मैं तुम्हें।
तुम तीन हो,
वादे तीन हैं —
निभाने वाला एक।
तुम दो हो और
मैं तीन।
शांति तीन है —
बचपन,
नींद, और मृत्यु।
कारण तीन:
देश, कानून, और जनता।
विवेक तीन:
किताब, गुरू, और मैं।
लोक तीन:
स्वर्ग, मृत्यु, पाताल।
अब बताओ —
मुझे कहाँ ले जाओगी?
स्वर्ग?
तो नहीं जाऊँगा, क्योंकि
तुम्हें पीने वाले
मुझे नहीं सुहाते।
मृत्युलोक?
हाँ — मैं वहीं हूँ
जहाँ सब मरते हैं।
बचा पाताल —
विष्णु ने बलि को जैसे पाताल भेजा,
तुम मुझे पाताल नहीं पहुँचाओगी।
तुम्हारा आशीर्वाद
टिकाऊ नहीं।
पीते-पीते मजा आता है:
राजा का हाथी तक खरीद लो।
अब बिदा देता हूँ —
तुम्हारी आदत ठीक नहीं।
लो — जो करना था किया,
मजे लिए।
अब मेरे परिवेश से
कहीं दूर जाओ…
कविता ३७
याद
शहनाईको स्वरसंगै
घुम्टो भित्रपनि
सूर्य उदाएथ्यो
उषाको त्यो लालीमा छरिएथ्यो
विवश ती दिनहरू
आज कठै दीप निभ्यो
तुसारोले त्यो पालुवा
फुल्नै नपाई कक्रियो।
कल्पना नै कहाँ थियो र
न त सपना नै थियो
अहो! त्यो कस्तो तुफान
नफक्रन्दै चुडालेछ कोपिला
कुनै एक विहान।
पड्क्यो ज्वालामुखी
चर्यो पहाड
छल्क्यो सागर सारा
भयो विश्व उजाड
सुक्यो पुष्प बाटिका
अब आउँछ के बहार
मात्र आउँदैछ हाम्रो त्यो
प्रेम पलको याद।
English Translation
With the sound of the shehnai
even beneath the veil
the sun had risen —
that rosy dawn had spread its light.
Those helpless days —
today, alas, the lamp has gone out.
The frost has numbed that tender bud,
withered before it could flower.
There was no imagining it —
no dream of it, either.
Ah, what a storm that was —
it snapped the bud before it could bloom,
one certain morning.
The volcano erupted,
the mountain caught fire,
the whole ocean overflowed,
the world was laid waste.
The flower garden has dried up —
what spring will come now?
All that comes is the memory
of that moment of love.
हिन्दी अनुवाद
शहनाई के स्वर के साथ
घूँघट के भीतर भी
सूर्य उग आया था —
उषा की वह लाली फैली थी।
वे विवश दिन —
आज, हाय, दीप बुझ गया।
तुषार ने उस कोमल कली को सुन्न कर दिया,
बिना खिले ही मुरझा गई।
कल्पना ही कहाँ थी —
न सपना था कोई।
अरे, वह कैसा तूफान था —
कली को फूले बिना ही तोड़ दिया,
एक सुनिश्चित सुबह।
ज्वालामुखी फट पड़ा,
पहाड़ जल उठा,
सारा सागर छलक पड़ा,
दुनिया उजाड़ हो गई।
फूलों की क्यारी सूख गई —
अब कौन-सी बहार आएगी?
बस आ रही है हमारी
उस प्रेम पल की याद।
कविता ३८
तप्प
टिलपिल टिलपिल
अश्रु बिन्दु
मुटुका स्पन्दनदेखि
मष्तिस्कसम्मका पीर
नयनका मझेरीबाट
परेलीका बलेसीमा
किन चुहिन्छन्
उमंग आशा भरोसाहरू
फेरि रमाउँछन् किन
सबै अस्थायी आशाहरू
लाम लागेर जीन्दगी कुर्छन्
निराशिन्छन् पनि
दर्शनको खाँचो देखिन्छ
नत्र इमान्दारीता आदर्श
क्षितिज हुन सक्छ
अपूर्ण वाक्य बिराम
प्रश्न चिन्ह जताततै
मदको प्याला रित्याउला कतै
उदाङ्गो पारिदेला
भविष्यहरू
छियाछिया परेको छात्तीभित्र
समाज न अटाउला
बिचारमा आगोलाग्दा
ओश बाफिएर
भावनाको चित्कार
आँखाको द्वारबाट
पाखै पाखो
तप्प झर्ला…।
English Translation
Blink by blink, glimmer by glimmer —
these teardrops,
from the pulse of the heart
to the ceiling of the mind,
from the midpoint of the eyes
to the ledge of the eyelids —
why do they seep through?
Hope, aspiration, trust —
why do they sparkle again?
All these temporary hopes.
Lives wait in a long queue,
grow discouraged too.
Philosophy's need is felt:
otherwise honesty and ideals
could become the horizon.
Unfinished sentences — a comma.
Question marks everywhere.
Somewhere the cup of intoxication will be drained
and leave one exposed —
futures
spilled out of a torn chest.
Where society could not fit
into thought —
when fire catches the mind,
and the dew evaporates in the heat,
the cry of feeling
through the gate of the eyes,
down every slope —
a drop will fall…
हिन्दी अनुवाद
टिलपिल-टिलपिल,
अश्रु बिंदु,
दिल की धड़कन से
मस्तिष्क की छत तक,
आँखों के बीच से
पलकों की दहलीज़ तक —
क्यों रिसते रहते हैं?
उम्मीद, आशा, भरोसा —
क्यों फिर चमक उठते हैं?
ये सब अस्थायी आशाएँ।
ज़िंदगियाँ लंबी कतार में खड़ी हैं,
निराश भी होती हैं।
दर्शन की ज़रूरत महसूस होती है:
वरना ईमानदारी और आदर्श
क्षितिज बन सकते हैं।
अधूरे वाक्य — एक अल्पविराम।
जगह-जगह प्रश्न चिन्ह।
कहीं नशे का प्याला खाली होगा
और सब उजागर कर देगा —
भविष्य
फटे सीने के भीतर से।
जहाँ समाज
विचार में न समाए —
जब सोच में आग लग जाए,
और ओस भाप बनकर उड़ जाए,
भावना की चीख
आँखों के द्वार से,
ढलान-ढलान —
एक बूँद टपक पड़ेगी…
कविता ३९
प्रलय
कता खोज्दै छौ त्यो
तिम्रै खल्तीमा छ
कहाँ हेर्दै छौ सुदुर पारी
त्यो तिमी भित्रै कैद छ
न औंल्याए हुन्छ
गन्ती नगरे हुन्छ दिन
निर्माण भत्किएर
निर्वाण लिएर
त्यतै धाउँदैछ क्रमश…
भावीले लेखेको भाग्य
भनिदिएको भाग्यमानी
दान पाएका कर्त्तव्यहरू
तथास्तु शब्द त्यो
सुस्तरी गोमन भएर
घन्निन्दैछ रोमरोममा
डराउँदैछौ देखी देखी
शुन्य तोडेर शुन्यसम्मको यात्रा
एक्लै हिँडने पथिक
उमेर गएको छैन
बरू तिमी उमेर खाएर चाउरिएछौ
ढोल पिटीदेऊ शहरमा
सुन्नेले जे भन्लान
नसुन्ने ढुक्कै पर्लान
अनि भन्नेछन्
प्रलय...।
English Translation
Where do you search for it?
It is in your own pocket.
Where do you look — far in the distance?
It is locked inside you.
No need to count it —
no need to number the days.
Construction collapses
and nirvana takes over,
rushing toward that — gradually…
The fate written by the future,
the fortunate one who was told,
the duties received as gifts —
that word: so be it —
slowly, secretly,
resounding in every fibre.
You are frightened, seeing it, seeing it.
The journey from void to void —
a solitary traveller.
The years have not gone —
rather you have eaten the years and grown wizened.
Beat the drum in the city:
let those who hear say what they will,
those who do not hear will rest easy —
and then they will say:
the end…
हिन्दी अनुवाद
कहाँ ढूँढ रहे हो वह —
तुम्हारी अपनी जेब में है।
कहाँ देख रहे हो दूर-दूर —
वह तुम्हारे भीतर ही कैद है।
गिनने की ज़रूरत नहीं —
दिन गिनने की ज़रूरत नहीं।
निर्माण ढह जाता है
और निर्वाण ले लेता है,
उसी ओर धीरे-धीरे धाव लगाता है…
भावी ने लिखी किस्मत,
किस्मतवाला कहलाया,
मिले कर्तव्यों के उपहार —
वह शब्द: तथास्तु —
धीरे-धीरे, चुपके से,
रोम-रोम में गूँजता।
डरते हो देख-देखकर।
शून्य से शून्य तक की यात्रा —
अकेला मुसाफिर।
उम्र नहीं गई —
बल्कि तुमने उम्र खाकर बुढ़ा लिया।
शहर में ढोल पीटो:
सुनने वाले जो चाहें कहें,
न सुनने वाले चैन पाएँगे —
फिर कहेंगे:
प्रलय…
कविता ४०
दार्जीलिङ
त्यो सेतो हिमालयको गोदमा
डम्म बसेको कञ्चनजंगाको फेदमा
तल कस्तुरी चर्छन्
झरनाले संगीत भर्छन्
त्यै हो दार्जीलिङ।
कोइली रूखमा उसै टोलाउँछे
सुनाखरी ती समीरमा लोलाउँछन्
त्यो सानो खहरे दौडन्छ छिट्टो
बंशी फूकेर मग्न छ
पहाडी ठिटो
त्यै हो दार्जीलिङ।
भमरा मौरी गुनगुनाउने
भाष्कर पनि त्यो शोभा छर्ने
लता लहरिन्दै फूल्दछ जानी
गौंथली गर्दछन् चिरीबिरी च्यार्र
आयो वर्षा झरर इयार्र
त्यै हो दार्जीलिङ।
दुःखमा पनि हाँस्छिन् रानी
माया सबलाई गर्ने बानी
मेरो छात्तीमा ओखती फुल्छन्
यिनीहरू मेरै मौन लता हुन्
नातिशितोष्ण म छु आउ
शान्त समीरको पगरी लाउ
त्यै हो दार्जीलिङ।
ऋतुहरूका माला लगाई
छमछम नाँच्छिन्
चाँदनी आई
सेतो बादल फेरो लाई
गर्छन् माया पाहुनालाई
त्यै हो दार्जीलिङ।
हरिया चियाका मुना टिपिन्छन्
महाकाल बाबा तथास्तु दिन्छन्
जहाँ ठगिएका गोर्खा बस्छन्
पर्यटकका धुइरो लाग्छन्
त्यै हो दार्जीलिङ।
English Translation
In the lap of those white Himalayas,
nestled at the foot of Kanchenjunga —
below, the musk deer graze,
the waterfalls fill the air with music:
that is Darjeeling.
The cuckoo lingers in the trees, brooding,
the wild orchids sway in the breeze,
that small stream rushes swiftly,
the mountain boy plays his flute, absorbed —
that is Darjeeling.
Bees and honeybees hum,
the sun too scatters beauty there,
vines blossom knowingly,
the grey wagtail chatters and chirps,
the rain arrives — whoosh and splatter:
that is Darjeeling.
Even in sorrow she smiles, the queen,
kindness to all is her nature.
The herbs of healing flower in my breast —
these are my silent, flowering vines.
I am neither too cold nor too warm — come,
wear the garland of calm breezes:
that is Darjeeling.
She dances with tinkling steps,
wearing garlands of every season —
the moonlight comes
and drapes her in a white veil.
She showers love on every guest:
that is Darjeeling.
Green tea buds are plucked,
Mahakal Baba grants his blessings,
where the cheated Gorkhas live,
where tourists stream in endlessly:
that is Darjeeling.
हिन्दी अनुवाद
उन सफेद हिमालयों की गोद में,
कंचनजंगा की तलहटी में बसा —
नीचे कस्तूरी चरती है,
झरने संगीत भरते हैं:
यही है दार्जिलिंग।
कोयल डाल पर सोचती-सी बैठी है,
जंगली आर्किड हवा में झूलते हैं,
वह छोटा-सा झरना तेज़ दौड़ता है,
पहाड़ी लड़का बाँसुरी फूँकता, मगन —
यही है दार्जिलिंग।
भँवरे और मधुमक्खियाँ गुनगुनाती हैं,
सूर्य भी वहाँ सुंदरता बिखेरता है,
लताएँ जानबूझकर खिलती हैं,
खंडेची चिड़िया चहचहाती है,
बारिश आती है — झड़ाझड़:
यही है दार्जिलिंग।
दुख में भी वह मुस्कुराती है, रानी,
सभी से प्यार करना उसकी आदत।
मेरे सीने में औषधीय जड़ी-बूटियाँ खिलती हैं —
ये मेरी मौन, फूलती लताएँ हैं।
न ज़्यादा ठंडा न ज़्यादा गर्म — आओ,
शांत पवन की पगड़ी पहनो:
यही है दार्जिलिंग।
ऋतुओं की माला पहने
वह छम-छम नाचती है —
चाँदनी आती है
और उसे सफेद घूँघट पहनाती है।
वह हर मेहमान से प्यार लुटाती है:
यही है दार्जिलिंग।
हरी चाय की कोपलें तोड़ी जाती हैं,
महाकाल बाबा आशीर्वाद देते हैं,
जहाँ ठगे हुए गोर्खा बसते हैं,
जहाँ पर्यटकों का हुजूम उमड़ता है:
यही है दार्जिलिंग।
कविता ४१
आयो कालो जून
रूँदै आएँ यो धरामा
आँशु नयन भिजेन
फेर्दै कोल्टे अनि पल्टिँदै
बल्ल ताते सरें म
थिएन लज्जा न डाह इर्ष्या
म्वाई स्नेह पाएँ
मस्त निदाँए तेल घसेर
भन्थे आमा सबले
तेसै भन्न सिके अनि पो
साइनो एउटा पाएँ
आच्ची छिः छिः, आत्था, बुङ
राम्रै रक्षक भेटें
बरालिएछु बयले भेट्यो
छेक्यो जीर्ण बाटो
अक्षर ब्रह्म साऊँ चिनायो
गुरू ब्रह्म जाने
आत्तिएछु उमेर मदिराले
जीवन संगिनीको संग पाएँ
आँशु हाँसो मिश्रितक्षणको
खुब मोजले बिताएँ
तरूण वयको तरूणी लयमा
एउटा निन्द्रा झुलेछु
छैन थाहा कुरूप भएछु
शिरमा कुइरो उठेछ
तन्द्रा हो या निन्द्रा हो त्यो
झल्याक झुलुक कता कता पो
यम देखा परेछ
जीवन भरका काम कर्मका
हिसाब खाता माग्यो
हिँड अब त छैन समय
वर्ष सत्तरी नाघ्यो
जडी बुट्टीका दुई चार थोपा
निल्न खटपट परेछ
अडकिएछन् रूग्न कण्ठमा
औषधीका थोपा
कण्ठ ठप्प भो
रून्छिन् सहॅली
भन्न सक्तिन केही
एक अपशकुन
लम्की वर वर
आयो कालो जून
मृत्युलाई छेक्न सक्ने
सृष्टिमा होला कुन?
English Translation
Weeping I came into this world —
not a tear wet my eyes.
Turning and turning, rolling over,
I slowly began to feel warm.
I knew no shame, no envy, no spite —
I received kisses and affection.
They rubbed oil on me and I slept contentedly —
they all called me mother's.
When I learned to say the same
I found a bond, a kinship.
Bah! Tsk! Oh! Nonsense! —
I found a good guardian.
I stumbled and a peer found me,
blocked by a crumbling road.
The alphabet was introduced — Brahma's letters —
I came to know the Guru-Brahma.
I was startled, intoxicated by age —
I found a life companion.
In moments mixed with tears and laughter
I spent time in great joy.
In the melody of a young woman's youth
I swung into one sleep.
Unknown to me I became haggard —
a shadow rose upon my head.
Is it a trance or a sleep?
Flickering, wavering — somewhere, somehow —
death appeared before me.
All the deeds and acts of a lifetime —
it asked for the accounts.
Walk — there is no time left now,
seventy years have passed.
A few drops of herbal medicine
became hard to swallow.
The drops were stuck in a weak throat,
the throat fell silent.
The friends weep —
they can say nothing.
One ill omen
hung trembling in the air.
The dark moon has come —
is there any power in creation
to hold back death?
हिन्दी अनुवाद
रोते हुए इस धरती पर आया —
आँखें आँसुओं से भीगी नहीं।
करवटें लेते, पलटते —
धीरे-धीरे गरमाने लगा।
न लज्जा थी, न ईर्ष्या, न डाह —
चुंबन और स्नेह मिला।
तेल लगाकर मस्त सो गया —
सबने माँ का कहा।
जब वही बोलना सीखा
तो एक रिश्ता, एक नाता मिला।
छिः! थू! अरे! बुंग! —
एक अच्छा रक्षक मिला।
लड़खड़ाया, हमउम्र मिला,
जर्जर रास्ते ने रोका।
अक्षर ज्ञान मिला — ब्रह्म के अक्षर —
गुरू-ब्रह्म को जाना।
उम्र की मदिरा से चौंक गया —
जीवनसाथी का साथ मिला।
आँसू-हँसी के मिश्रित क्षणों में
खूब मज़े से गुज़ारा।
एक तरुणी की लय में
एक नींद में झूल गया।
अनजाने में बूढ़ा हो गया —
सिर पर कुहासा उठा।
तंद्रा है या नींद है —
झिलमिलाते, झूलते — कहीं, कैसे —
यम दिखाई दिया।
जीवन भर के कर्म-काम का
हिसाब माँगा।
चलो — अब समय नहीं,
सत्तर साल बीत गए।
जड़ी-बूटी की दो-चार बूँदें
निगलना मुश्किल हो गया।
बूँदें कमज़ोर कंठ में अटक गईं,
कंठ ठप्प हो गया।
सहेलियाँ रो रही हैं —
कुछ कह नहीं पातीं।
एक अपशकुन
काँपता हुआ लटक रहा है।
काला जून आया —
क्या सृष्टि में कोई शक्ति है
मृत्यु को रोकने की?
कविता ४२
सुकिजाने सरिता
तिमी छद्म भेषमा
कहाँ थियौ र खस्दैछौ?
निडर भइछौ
भिरबाट हामफाल्न
सीताझें धरती प्रवेश गर्न
तिमी सुटुक्क भागिछौ
सूर्यले गिज्याउँछ भनेर
पाताल गइछौ
हेर न तिमी निस्प्राण भइदिँदा
ती तरूण तरूणीहरू
आलिङ्गनमा बिभोर
बाचा र कसम खाँदा खाँदै
शितल ताप्न पुग्दा
निराश भएछन्
अतिथीहरू
सावनसंग विवाह गर्न
यस्तरी माइतघर छोडनु
उपहास होला
श्रृंगारिएर तिमी आउन्जेल
कसले पर्खेलान
अनगन्ति जुनकिरी
देवसी खेल्न
तिम्रो पिढींभरी बसेछन्
भैलेनी खेल्छन् रानीचरीहरू
भूर्भूराउँदै यता उता
तर खुशी देखिन मैले
निराश पखालेर
पोखिन्दै थियौ तिमी
बोलाउदिनपनि म तिमीलाई
फत्तुर हाल्छौ भनेर
पागल प्रेमी भयौ
त्यहाँ ओखतीका बिरूवा लगाउन
सिचाँई चाहिएकै छ।
सरिता तिमी आउ।
English Translation
In your disguise —
where were you, and now you are falling?
You have become fearless —
to leap from the cliff,
to enter the earth like Sita —
you slipped away quietly.
They say the sun mocks you,
so you went underground.
Look — when you become lifeless,
those young men and women
immersed in each other's arms,
exchanging vows and promises,
coming to cool themselves beside you —
the guests have been disappointed.
To marry the monsoon
leaving your father's home like this
will be a mockery.
By the time you dress up and come
who will still be waiting?
Countless fireflies,
playing Dewsi in a line,
sat on your bank.
The red-breasted flycatchers play Bhaileni,
flitting here and there —
but I did not see them happy.
Washing disappointment away
you were pouring out.
I won't call you even now —
you might raise a flood, I thought.
A lovesick one you became —
there, medicinal plants need watering,
irrigation is needed.
Sarita — please come back.
हिन्दी अनुवाद
छद्म भेष में
तुम कहाँ थीं और अब गिर रही हो?
निडर हो गई हो —
भीर से छलाँग लगाने को,
सीता की तरह धरती में समाने को —
तुम चुपचाप चली गई।
कहते हैं सूर्य तुम्हें चिढ़ाता है,
इसलिए पाताल चली गई।
देखो — जब तुम निष्प्राण हो जाती हो,
वे तरुण-तरुणियाँ
आलिंगन में विभोर,
वादे और कसमें खाते हुए,
शीतल ताप लेने आए थे —
अतिथि निराश हो गए।
सावन से विवाह करने को
इस तरह मायका छोड़ना
उपहास होगा।
सज-धजकर तुम्हारे आने तक
कौन प्रतीक्षा करेगा?
असंख्य जुगनू,
देवसी खेलने क़तार में,
तुम्हारे किनारे बैठे थे।
रानीचरियाँ भैलेनी खेलती हैं,
इधर-उधर फुदकती हुई —
पर मैंने उन्हें खुश नहीं देखा।
निराशा धोकर
तुम उँड़ेलती जा रही थी।
मैं तुम्हें बुलाऊँगा भी नहीं —
सोचा, बाढ़ ला दोगी।
पागल प्रेमी हो गई —
वहाँ औषधीय पौधों को सींचना है,
सिंचाई चाहिए।
सरिता — वापस आओ।
कविता ४३
चाहना
ठेला उठेका हातमा
फुटेको पाइतालामा
जुवा भिरेको काँध
त्यो गोरू र राँगाको
देखेर चुकचुकाउँछ ईश्वर
पसिनाको हरेक थोपा थोपा
अन्न बनेको हुन्छ
सुखीको संज्ञा लिनेहरूलाई
खेतालो पेट भराउँछ
घण्टौं जपेर मन्त्र
देश कहाँ हरियाली बन्छ
फिराएर माला बसिदिँदा
अबेर भो धेर
मन्दिर छ मन स्थिर छैन
ईश्वर कहाँ रमाउँछ र?
मूर्ती छ, उ चूप छ
न बोल्छ, न हाँस्छ
ठगेर हेर त
राष्ट्र ठगिन्छ
परिश्रम गरी हेर त
अ-सहायको पेट भरिन्छ
सासै राख्न माग्नेहरूलाई
लगनशिल बनाऊ
आफू लागिपरेर
कर्मको उदाहरण बनाऊ
मेहनतीलाई गुरू चाहिन्न
एकलब्यले सिकायो
बगाएर पसिना
बाँच्न सिकाऊ
उठाऊ गाउँ-गाउँ
उठाऊ समाज र देश
मान्छे भएर मान्छे ठग्छौ
कसले दियो त्यो अधिकार
माँग्न नजाउ पल्लो मुलुक
गर्ब गरौं न अपार
जोगाई अन्नका हरेक दाना
एक गजबको भण्डार बनाऊ
बचाई एक एक
नयाँ पैसा
राष्ट्रलाई शिखर पुर्याऊ
मिलौं भाई-भाई हामी
मिलाऊ दिदी-बहिनी र आमा
फलौं फुलौं रमाँऊ हामी
सुगन्ध छ जहाँ
त्यहाँ ईश आवोस्
रगत एउटै
माया एउटै
अब बारूद नगनावोस्।
English Translation
In the swollen hands,
in the cracked soles,
the shoulder bearing the yoke —
seeing the ox and buffalo
God clicks his tongue in pity.
Every drop of sweat
becomes grain.
Those who claim the title of happiness —
the farmhand fills their belly.
Hours of chanting mantras —
how does the country become green?
Sitting and turning beads —
too much time has passed.
The temple is there, but the mind is not still —
where does God dwell then?
The idol is there, it is silent —
neither speaks nor smiles.
Try cheating — the nation gets cheated.
Try working hard — the helpless one's stomach fills.
Those who ask only to keep breathing —
make them diligent.
Set the example yourself of dedicated action —
the hardworking person needs no teacher:
Eklavya taught us that.
Pour out the sweat,
teach us to live.
Lift up village after village,
lift up society and the nation.
Being human you cheat humans —
who gave you that right?
Do not go begging to the next country —
let us take pride in our own.
Save every grain of food —
build one wondrous storehouse.
Save every single coin —
take the nation to its peak.
Let us come together, brother and brother,
let sister, daughter, and mother unite.
Let us flourish, bloom, and rejoice —
where there is fragrance,
may God come there.
The blood is one,
the love is one —
let the bullets fall silent now.
हिन्दी अनुवाद
ठेला लगे हाथों में,
फटे पाँवों में,
जुआ चढ़े कंधे में —
बैल और भैंस को देखकर
ईश्वर चुकचुकाता है।
पसीने की हर बूँद
अनाज बनती है।
सुखी की उपाधि लेने वाले —
खेतालू उनका पेट भरता है।
घंटों मंत्र जपने से
देश हरा-भरा कैसे होगा?
माला फेरकर बैठने से
बहुत देर हो गई।
मंदिर है, मन स्थिर नहीं —
ईश्वर कहाँ रमेगा तब?
मूर्ति है, वह चुप है —
न बोलती, न हँसती।
ठगकर देखो — राष्ट्र ठगता है।
मेहनत करके देखो — असहाय का पेट भरता है।
साँस रखने भर माँगने वालों को —
लगनशील बनाओ।
खुद लगकर कर्म का उदाहरण बनो —
मेहनती को गुरू की ज़रूरत नहीं:
एकलव्य ने सिखाया।
पसीना बहाओ,
जीना सिखाओ।
गाँव-गाँव उठाओ,
समाज और देश उठाओ।
इंसान होकर इंसान को ठगते हो —
वह अधिकार किसने दिया?
पड़ोसी मुल्क में हाथ न फैलाओ —
अपने पर गर्व करो।
अनाज का एक-एक दाना बचाओ —
एक अद्भुत भंडार बनाओ।
एक-एक पैसा बचाओ —
राष्ट्र को शिखर पर पहुँचाओ।
भाई-भाई मिलकर आओ,
बहन-बेटी-माँ को भी मिलाओ।
फलें-फूलें, आनंद लें हम —
जहाँ सुगंध है,
वहाँ ईश्वर आए।
खून एक है,
प्यार एक है —
अब बारूद की आवाज़ बंद हो।
कविता ४४
फूल
राखी देउ, लगेर शवमा
न गन्ध न बासना
चाल पाउँछ न त धन्यवाद छ
भन्न सक्छ
थमाउ प्रियसीको मुलायम हातमा
झिनो मुस्कानसंगै
अपार प्रेम सजेको हुन्छ
चडाऊ कुनै मन्दिरमा
त्यो आर्शिवाद बनेको हुन्छ
भिराउ उनेर माला
कसैलाई त्यो गलामा
सुहाएको हुन्छ
सजावोस चुल्ठो कुनै
सुन्दरी उसै
शायद अभिमान फुलेको हुन्छ
फुल्छन् नित्य
बासना सुन्दरता दिई
खै के को रहर हो
क्षणै मात्र बाँच्छन्
भन्छन् यसरी
नचुडाए हुन्थ्यो
चुडाउँछौ त चुडाऊ
त्यो फूल अनि
पहिराई देऊ माला उनि
जो जाँदैछ बचाउन राष्ट्र
धपाउन बैरी
स्वयं जान्छ स्वर्गमा मरी
नटिपौ फुलोस्, झूलोस बागमा
पवनसंगै खपोस खप्नसम्म घाम
रूझोस झरीमा पनि
बाँडोस पराग भएजति सबै
वैलावस लत्रोस बरू
त्यहीँ त्यो खुशाएको हुन्छ।
आफ्नै जगहमा त्यो सुहाएको हुन्छ।
English Translation
Place it — take it and lay it on the corpse:
no fragrance, no scent,
it feels nothing, and there is no gratitude,
it cannot speak.
Place it in the soft hand of the beloved —
with a shy little smile
immeasurable love is contained within it.
Offer it in some temple —
it becomes a blessing.
String it and drape the garland
around someone's neck —
it suits them well.
Let it adorn the hair of some
beautiful woman —
perhaps pride has bloomed there.
They bloom daily,
giving beauty and fragrance —
what desire drives them, who knows?
They live only for a moment,
saying this:
"It would have been better not to be plucked."
You pluck — well, pluck then —
that flower, and then
string the garland and offer it
to the one going forth to save the nation,
to drive out the enemy —
he himself will go to heaven when he dies.
Do not pick it — let it bloom, let it swing in the garden,
let it endure the sun with the wind as long as it can,
let it be drenched in the rain too,
let it spread all its pollen, whatever it has —
let it droop and hang — better there:
there in its own place it has bloomed its fullest.
In its own place it is most beautiful.
हिन्दी अनुवाद
रख दो — ले जाकर शव पर रख दो:
न गंध, न सुगंध,
महसूस न करे, धन्यवाद न हो,
बोल न सके।
प्रिया के नरम हाथ में थमाओ —
एक शरमाई-सी मुस्कान के साथ
अपार प्रेम समाया होता है।
किसी मंदिर में चढ़ाओ —
आशीर्वाद बन जाता है।
माला गूँथकर किसी के
गले में पहनाओ —
उस पर सुंदर लगती है।
किसी सुंदरी के बालों में सजाओ —
शायद अभिमान खिल उठा हो।
रोज़ खिलते हैं,
सुंदरता और सुगंध देते हुए —
क्या चाहत है उनकी, कौन जाने?
पल भर ही जीते हैं,
इस तरह कहते:
"न चुड़ाते तो अच्छा था।"
चुड़ाते हो तो चुड़ाओ —
वह फूल, और फिर
माला पहनाओ
जो राष्ट्र बचाने, दुश्मन भगाने
निकल रहा है —
खुद मरकर स्वर्ग जाएगा।
न तोड़ो — खिलने दो, बाग में झूलने दो,
जब तक हो सके धूप और हवा में खपने दो,
बारिश में भीगने भी दो,
जितना पराग है बाँटने दो —
लटकने दो, झुकने दो —
वहीं बेहतर है:
वहीं अपनी जगह वह सबसे अधिक खिला है।
अपनी जगह वह सबसे सुंदर है।
कविता ४५
काल
क्षण क्षण पल पल
गर्दै मेरो वय सकिन आँट्यो
इच्छा मनको पारी अधुरो
धागो चुडिन आँट्यो
तैपनि मैले भन्नु मेरो
स्वार्थ मजाको छ क्या
टुङ्गिन लाग्यो जिन्दगी तेरो
देख्छस् बाबुको ब्याहा
काल भनेको समय रहेछ
कति बित्यो अब कति छ
पण्डित ज्ञानी सन्त फकिरले
दिन्छन् मीठो अर्ती
बिते पुराना आयो नौलो
झिल्के मिल्के नक्कल
छोडदिन गर्न लिडे ढिपी
म त आँफै आफ्नो महर्षी
प्रेमको ब्यथा जाती नहुने
मेरो पुरानो घाउ
यसले गर्दा तार्न नसक्ने
भेटें डुब्ने नाव
धेरै कुछ अलि पछि हेर्छ
बाहिर कालो अँधेर छ
कसलाई लाने कसलाई नलाने
छामी बिचार गर्छ
लोभको भाँडो कहिले नभर्ने
न धनको डकार आउँछ
इच्छा त्यही हो बगिरहने
मनको तिर्खा धाउँछ
मलामी अघिका लाश भएछन्
अबको पालो कसको?
युवती सुन्दरी बिछट्ट राम्री
युवक पनि छ उस्तै
सोच्दछन् मनका लड्डु थुपारी
रहोस् जीवन दुरूस्तै
रोग बन्दुक उठाई हान्यो
रीसले विष पिई
घमण्डीले पासो लायो
उमेर हेरी भन्दछ काल
व्यर्थे जीवन गुमायो।
English Translation
Moment by moment, breath by breath,
my age has begun to run out.
The desires of my heart remain unfinished on the far shore —
the thread is about to snap.
And still I must say — my selfishness
is quite something, isn't it?
Your life is about to end —
you will see your son's wedding.
Time, it turns out, is nothing but a season —
how much has passed, how much remains?
The learned, the wise, the saint, the mendicant
give sweet counsel.
The old is gone, the new has come —
glinting, sparkling imitations.
I will not stop doing as I like —
I am my own great sage.
The ache of love — never goes away by caste —
my old wound.
Because of this, unable to cross over,
I found a sinking boat.
There is much more to see a little later,
but outside it is pitch dark.
Who to take, who not to take —
he feels and considers.
The pot of greed is never full —
no belch comes from wealth.
The same desire — to keep flowing —
the heart's thirst keeps running.
Those ahead in the funeral procession have become corpses —
whose turn is it now?
A beautiful young woman — strikingly lovely —
and the young man too is the same.
They think and pile up sweetmeats in the mind:
let life remain in good shape.
Disease, a bullet was fired,
anger drove one to drink poison.
The arrogant one laid a trap for himself —
Time looks at the age and says:
a life wasted in vain.
हिन्दी अनुवाद
क्षण-क्षण, पल-पल,
मेरी उम्र खत्म होने लगी।
मन की इच्छाएँ उस पार अधूरी —
धागा टूटने वाला है।
फिर भी मुझे कहना है — मेरा स्वार्थ
कुछ तो है क्या?
तुम्हारी ज़िंदगी खत्म होने वाली है —
बेटे का ब्याह देखोगे।
काल, यह पता चला, बस एक मौसम है —
कितना बीता, कितना बचा?
विद्वान, ज्ञानी, संत, फ़कीर
मीठी सलाह देते हैं।
पुराना गया, नया आया —
चमकते-दमकते नकल।
मैं मनमानी करना नहीं छोड़ूँगा —
मैं खुद अपना महर्षि हूँ।
प्रेम की व्यथा — जाति से नहीं जाती —
मेरा पुराना घाव।
इसकी वजह से पार न हो सका,
डूबती नाव मिली।
थोड़ी देर बाद देखना बहुत कुछ है,
बाहर घोर अँधेरा है।
किसे ले जाएँ, किसे न लें —
छामकर सोचता है।
लोभ का बर्तन कभी न भरे —
धन से डकार न आए।
वही इच्छा — बहते रहना —
मन की प्यास दौड़ती रहती है।
मातम में आगे वाले लाश बन गए —
अब किसकी बारी है?
एक सुंदर जवान औरत — बेहद खूबसूरत —
जवान भी उसी जैसा।
मन में लड्डू सजाकर सोचते हैं:
ज़िंदगी ठीक रहे।
बीमारी, गोली चली,
गुस्से ने ज़हर पिला दिया।
घमंडी ने खुद फंदा लगाया —
काल उम्र देखकर कहता है:
ज़िंदगी व्यर्थ गँवाई।
कविता ४६
प्रकृति प्रेम
हौ लालगेडी
आँखाकी तिमी
बिझाउदिनौं
मनभित्र पनि
बिहान आउँदा
सुन बोकेर आउँछ्यौ
मध्ये दिनमा
खित्का छोडेर हाँस्छ्यौ
गोधूलीमा पवन फेर्दै
रूप केही बदलिन्छ्यौ
साँझ पर्यो र
भेक कराए
सोहू सत्रकी
तरूणी भइछ्यौ
लोभै लाग्दी मोहिनी
खुब राम्री
देखी प्रभातलाई
उसै धकायौ
हे रूपवाली
मोहनी लगायौ
तन बुडो भो
मन भएन
आफ्नै पार्न
धन भएन
केश लामो त्यो सर्प सरिको
तिमी शशीकी अप्सरा पो?
सिताराको गगनले
शिरबन्दी सुहायो
यै हो तिम्रो
लगन जुटेको
नसम्झ कहिले
स्नेह टुटेको
न रिस राग द्वेश तिम्रो
संधै मुसुक्क अधर हाँसेको
मैले कस्तो प्रेम गर्नुछ आज
कस्तो भाषा शैली
भर्नुछ लाग्छ लाज
कस्तो राग गाउँछ्यौ
गान कहिले
बेसुरा भो
सरगम मेरो यसैले
न्याउली कोइली
धोबिनी आउन गाउ
बेला बित्ला
सुर राम्रो लगाऊ।
English Translation
O red kite —
you who live in the eyes —
you prick
even the inside of my heart.
When morning comes
you bring gold with you.
In the middle of the day
you burst into laughter.
At dusk, breathing the breeze,
your form changes a little.
When evening fell
and frogs began to call,
you became a sixteen-year-old girl.
Most tempting and enchanting —
very beautiful.
Having seen the dawn
you pushed it away just so.
O beautiful one —
you cast your spell.
The body has grown old,
the heart has not.
Not enough wealth
to make you my own.
Your hair, long as a serpent —
are you the moon's fairy?
The constellation's sky
has suited your headdress.
This is your
destined match.
Never think
love has broken.
No anger, passion, or malice in you —
always your lips smiling softly.
What love must I show today —
what style of language —
I feel ashamed to fill it in.
What raga do you sing —
the song, at some point,
went off-key.
That is why my melody
has gone out of tune.
O cuckoo-dove, cuckoo,
O washerman-bird — come and sing.
Time will pass —
put your voice in tune now.
हिन्दी अनुवाद
ओ लालगेड़ी —
आँखों में रहने वाली —
मन के भीतर भी
चुभ जाती हो।
जब सुबह आती है
सोना लेकर आती हो।
दोपहर में
खिलखिलाकर हँसती हो।
गोधूलि में हवा लेते हुए
तुम्हारा रूप थोड़ा बदल जाता है।
साँझ पड़ी और
मेंढक बोलने लगे,
तुम सोलह साल की लड़की बन गई।
सबसे मनमोहक और आकर्षक —
बहुत सुंदर।
प्रभात को देखकर
तुमने उसे यूँ ही धकेल दिया।
ओ रूपवाली —
तुमने मोहिनी डाल दी।
तन बूढ़ा हो गया,
मन नहीं हुआ।
अपना बनाने को
धन नहीं।
तुम्हारे बाल, साँप जैसे लंबे —
क्या तुम चाँद की अप्सरा हो?
तारों के आकाश ने
तुम्हारी शिरबंदी सुंदर लगाई।
यही है तुम्हारा
नियत जोड़ा।
कभी न समझना
प्यार टूट गया।
न रोष, राग, न द्वेष तुम्हारा —
हमेशा होंठ मुसुकाते हुए।
आज कैसा प्यार जताऊँ —
कैसी भाषा-शैली —
भरते हुए लाज लगती है।
कौन-सा राग गाती हो —
वह गान कभी
बेसुरा हो गया।
इसीलिए मेरी सरगम
बेसुरी हो गई।
न्याउली, कोयल,
धोबिनी — आओ, गाओ।
वक्त बीत जाएगा —
अब सुर ठीक से लगाओ।
कविता ४७
पागल
सडकको त्यो भित्ता र
छेउ उ हिँड्छ
तर्साउदैनन् उसलाई
तर्साउनेहरू बुझ्दैनन् उसको भाषा
टाउको नभएका मुर्कुट्टाहरू
रात रात मात्ने गर्छन्
ढाड नभएका चुडेलहरू
पाइखानाहरूमा आम सभा डाक्छन्
भालेका "कुखुरी काँ" प्रहरहरू
संग बित्ने गर्छन्
परेवाका धुराईहरू
समय नबुझी फेरी घुर्छन्
स्यालका रोदन रातका पलसंगै
हराउँछन्/बिलाउँछन्
बिचरा ! निदाउँदैन
दिन रात र समयका दिक्दारी
उसमा आगो सल्किएको हुन्छ
ठ्याम्मै नदेखिने परिवर्तनले
अहिल्या जस्तै पत्थर भएछ
हाँस्छ मुसुमुस्
गल्लीहरूमा ओत लाग्छ
पक्रन्छन् प्रहरीहरू
शहर सफा राख्न
थन्क्याउँछन् कहीं त्यो जीन्दगी
विकशित भएका छन्
आजकल मान्छे र
चिन्दैनन् कसैलाई
सोहोर्दैछन् मेहतरहरू
सभ्यहरूका फोहोर
यस्तै छ मेरो परिवेश
छि : प्रतियोगिता
यसैले फालिएछु भन्छ
त्यो कहाँ हो
पागल।
English Translation
By the wall of that road
he walks —
those who would scare him
do not understand his language.
The headless ghosts
get drunk night after night.
The boneless witches
hold general assemblies in the latrines.
The rooster's crowing before dawn
passes time with him.
The pigeons' circling
gyrates without understanding time.
The jackals' howling passes with the moments of night
and vanishes.
Poor thing — he cannot sleep.
Day, night, and the tedium of time —
a fire has been lit inside him.
Change that cannot be seen clearly —
he has turned to stone like Ahalya.
He smiles gently,
lurks in the alleyways.
The police catch him
to keep the city clean —
they dump that life somewhere.
People have become developed
these days
and no one recognizes anyone.
The sweepers sweep
the filth of the civilised.
This is how my world looks —
shame — the competition.
That is why I have been thrown out, he says —
where is it?
The madman.
हिन्दी अनुवाद
उस सड़क की दीवार के पास
वह चलता है —
डराने वाले
उसकी भाषा नहीं समझते।
सिर के बिना के भूत
रात-रात मदमस्त रहते हैं।
हड्डी के बिना की चुड़ैलें
पाखाने में आम सभा बुलाती हैं।
भोर से पहले मुर्गे की बाँग
उसके साथ वक्त बिताती है।
कबूतरों की परिक्रमा
समय समझे बिना घूमती रहती है।
गीदड़ों का रोना रात के पलों के साथ
मिट जाता है।
बेचारा — सो नहीं पाता।
दिन, रात, और वक्त की ऊब —
उसमें आग जल रही है।
साफ न दिखने वाले बदलाव ने —
अहल्या की तरह पत्थर बना दिया।
मुसुमुसाकर मुस्कुराता है,
गलियों में छुपता है।
पुलिस पकड़ती है उसे
शहर साफ रखने को —
उस ज़िंदगी को कहीं ठूँस देते हैं।
आजकल लोग
विकसित हो गए हैं
और किसी को किसी से मतलब नहीं।
मेहतर साफ करते हैं
सभ्यों का कचरा।
यही है मेरा परिवेश —
छिः: प्रतियोगिता।
इसीलिए मुझे फेंका गया, वह कहता है —
कहाँ है?
पागल।
कविता ४८
सारंगीको तार
कम्पित भएर मुष्ठ
तारहरू रेटिदैछन्
मूल्य नपाएको
सस्तो बजारको सौदाजस्तो
किनिएर फर्काइन्छन्
या फाउ मागिन्छन् सित्येंमा
हिजो आजको
कोलाहलमय शहरभित्र
म जस्ता
धेरै मान्छेहरू
गाइनेका गिती भावना
तथ्य फडकाल्न
त्यही सारंगीको
खोक्रो पेटबाट
भावपूर्ण शब्द
गीत भएर
भास्सिएका कण्ठदेखि
अर्थपूर्ण बिष्फोटभई
निक्लिएर पनि
मात्र खुद्रा फ्याकिन्छन्
अघिल्तिर बस्…
गायनका दर्शन
तृषित र भोका होलान
शायद रूझेका छन्
अवशय पुराना भनिएका
सत्य अभिव्यक्ति
र पनि
मरेका छैनन् जाँगरहरू
निम्तो नपाएका
असम्मानित बिचारहरू
आफै समेटिन्दैछन्
त्यो रातको छात्ती चिर्न
अनि हेर्न त्यो आफ्नै आँगनमा
उदाएको सूर्य
उठुन् बरू एकाएक
चिहानबाट
इरादा नपुगेका
हाम्रा मान्छेहरू
हिँडेर मिलेर लामो ताँती
पल्टाई दिऊँ
अधिकार लेखिएका
संविधानका पन्नाहरू
जबकी जन्मिनेहरूलाई
सुनावोस बीरताका कथा
त्यो सारंगीको तार...
English Translation
Trembling with a clenched fist
the strings are being pressed —
like cheap market goods without worth,
bought and sent back,
or demanded for free.
In the clamorous city
of yesterday and today,
like me —
many people,
the Gaine's song and feeling —
to expose the bare truth —
from that same hollow belly of the sarangi,
words full of feeling
become song
and, erupting with meaning
from voices grown hollow,
even so —
only small coins are tossed.
Sit before him…
Listeners of his song
may be thirsty and hungry —
perhaps they are drenched.
Certainly the old ones —
they are called truth's expression —
and yet
the energies have not died.
The uninvited,
dishonoured thoughts
are drawing themselves in together,
to cleave that night's breast open
and look out then at one's own courtyard
where the sun has risen.
Let them rise, suddenly, at once,
from the grave —
the people of ours
whose intentions never reached their mark.
Walking, joining in a long procession,
let us overturn
the pages of the constitution
where rights are written down —
so that those who will be born
may hear the tales of courage:
that string of the sarangi…
हिन्दी अनुवाद
मुट्ठी बंद करके काँपते हुए
तारों को दबाया जा रहा है —
सस्ते बाज़ार के सौदे की तरह,
बिना मूल्य के,
खरीदकर वापस किया जाता है,
या मुफ्त में माँगा जाता है।
कल-आज के
कोलाहलमय शहर में,
मेरी तरह —
बहुत से लोग,
गाइने के गीत और भावना —
सच उजागर करने को —
उसी सारंगी के खोखले पेट से,
भाव से भरे शब्द
गीत बनकर
और अर्थपूर्ण विस्फोट होकर
खोखले कंठों से निकलकर भी —
बस खुद्रे सिक्के फेंके जाते हैं।
उसके सामने बैठो…
उनके गायन के श्रोता
प्यासे और भूखे होंगे —
शायद भीगे हुए हैं।
ज़रूर पुराने —
सत्य अभिव्यक्ति कहलाते हैं —
और फिर भी
जाँगर नहीं मरे।
न बुलाए गए,
असम्मानित विचार
खुद-ब-खुद सिमट रहे हैं,
उस रात की छाती चीरने को
और फिर अपने ही आँगन में देखने को
उगता सूरज।
उठें वे एकाएक,
कब्र से —
हमारे वे लोग
जिनका इरादा मंज़िल तक न पहुँचा।
चलकर, मिलकर लंबी क़तार में,
पलट दें
संविधान के उन पन्नों को
जहाँ अधिकार लिखे हैं —
ताकि जन्म लेने वाले
वीरता की कहानियाँ सुनें:
वह सारंगी का तार…
कविता ४९
मन र म
पहिलो पल्ट…
यो मन र म
वाम र मन
मैले मनलाई सोधिन
सोध्ने खाँचो परेन
तर
जबरजस्ती मेरो ढिपीलाई
मनले स्वीकारेन
यो मनोद्वन्दभित्र
म पो फसाद परें
दोस्रो पल्ट…
मनले मलाई इच्छा
जाहेर गर्यो
मैले पनि रूचाएछु
र - मन खुशी भएर
मलाई आज्ञा माग्यो
मैले ल भने
तेस्रो पल्ट…
फेरि कोनी के भो
मैले मनलाई रोकें
अनि मन रोयो
अचम्म यो छ
म रुँदा जहाँबाट
आँशु आउँथ्यो
मन रूँदा पनि
त्यहिबाट आँशु झर्यो
अनि मैले सोचें
त्यसोभए मन र म मा
द्वन्द किन?
चौथो पल्ट… मलाई मनमनै
मन परेन र
गरूँ कि नगँरू भनी
मनमनै सोचें
यसरी सोधी रहँदा
प्रत्युत्तर नआएर
बिचरा मन
दोमन भयो
पाँचौ पल्ट…
त्यसो भए ठीकै छ भनेर
मैले पनि मनमनै
मन मारे र
बल्ल मन बुझाँए
छैटौं पल्ट…
उमेरमै मन
गरेको भए
केही गरिन्थ्यो
त्यो बेला मन गरिएन
र अहिले पो
मनको लड्डु घिऊसंग खाँए
सातौं पल्ट…
तरै पनि एक दिन
मेरो मन दुख्यो
अनि मन जाति पार्न
बैद्य कहाँ लगियो
बैद्यले अहिले यसको उपचार गर्ने
मेरो मन छैन भन्यो
र मैले मन बुझाँए।
आठौं पल्ट…
यो दुःखेको मनलाई
कुन्नीके भो चञ्चल भएर
तुलबुल भयो औ
मन बरालिएला भनेर
मैले मनबाँधे
तर छट्पट् मर्न नपाएर
होला मेरो मन पोल्यो।
नवीं पल्ट…
यो मनको औषधि
कसैले पनि तयार
नपारेको हुँदा
मन बिरक्त भो।
English Translation
The first time…
this mind and I —
the left and the mind.
I did not ask my mind,
there was no need to ask —
but
the mind refused to accept
my forceful demand.
In this inner conflict
I myself was caught in trouble.
The second time…
the mind expressed to me
its desire.
I too liked it —
and the mind, growing happy,
asked my permission.
I said: all right.
The third time…
something happened and I stopped the mind.
The mind wept.
Strange as it is —
from the very place
where tears came when I wept,
when the mind wept too
tears fell from there.
And so I thought:
if that is so, why
this conflict between mind and I?
The fourth time… to myself, inwardly,
I did not like it, and
thinking "shall I or shall I not"
I thought to myself.
Thinking like this, asking myself
and getting no answer —
poor mind
became of two minds.
The fifth time…
thinking "that's fine then"
I, inwardly too,
killed the desire
and at last calmed the mind.
The sixth time…
if I had listened to my heart
when young
I might have done something.
That time I did not act on it —
and now at last
I eat the mind's sweetmeats with ghee.
The seventh time…
and yet one day
my heart ached.
And to put the mind right
it was taken to the physician.
The physician said: right now
my mind is not there
to treat this.
And I calmed the mind.
The eighth time…
this aching mind, for some reason
became restless and restless.
Thinking it might go wandering —
I tied the mind down.
But unable to thrash and die freely —
perhaps — my mind burned.
The ninth time…
the medicine for this mind
having not been prepared
by anyone at all —
the mind grew weary.
हिन्दी अनुवाद
पहली बार…
यह मन और मैं —
वाम और मन।
मैंने मन से नहीं पूछा,
पूछने की ज़रूरत नहीं पड़ी —
पर
मन ने मेरी ज़बरदस्ती की माँग
स्वीकार नहीं की।
इस मनोद्वंद्व में
मैं खुद फँसाद में पड़ गया।
दूसरी बार…
मन ने मुझे
अपनी इच्छा जताई।
मुझे भी पसंद आई —
और मन खुश होकर
मुझसे आज्ञा माँगी।
मैंने हाँ कह दिया।
तीसरी बार…
फिर कुछ हुआ और मैंने मन को रोका।
मन रोया।
अचम्भा यह है —
जहाँ से मेरे रोने पर
आँसू आते थे,
मन के रोने पर भी
वहीं से आँसू झरे।
तब मैंने सोचा:
तो फिर मन और मुझमें
द्वंद्व क्यों?
चौथी बार… मन-ही-मन,
मुझे पसंद नहीं आया, और
करूँ या न करूँ सोचकर
मन-ही-मन सोचता रहा।
इस तरह सोचते, खुद से पूछते,
जवाब न पाकर —
बेचारा मन
दोमन हो गया।
पाँचवीं बार…
ठीक है तो ठीक है कहकर
मैंने भी मन-ही-मन
इच्छा मार ली
और बमुश्किल मन को मनाया।
छठी बार…
काश मैंने जवानी में
मन की सुनी होती
तो कुछ हो जाता।
उस वक्त मन नहीं किया —
और अब जाकर
मन के लड्डू घी के साथ खाए।
सातवीं बार…
फिर भी एक दिन
मेरा मन दुखा।
और मन को ठीक करने
वैद्य के पास ले गया।
वैद्य बोला: अभी
इसका इलाज करने का
मेरा मन नहीं।
और मैंने मन को मनाया।
आठवीं बार…
इस दुखते मन को
न जाने क्या हुआ, चंचल होकर
उथल-पुथल हो गया।
सोचा कहीं मन भटक न जाए —
मैंने मन बाँध लिया।
पर छटपटाकर मर न सकने से —
शायद — मेरा मन जल गया।
नवीं बार…
इस मन की दवा
किसी ने भी तैयार
न की होने से —
मन बेज़ार हो गया।
कविता ५०
यहाँ एउटा दीप जलोस्
जसरीसुकै जलोस्
जली रहोस्
चाहे लरबरिदै हुरिदै
धिप धिपाउँदै जलोस्
तेल सकिदैन किनकि यहाँको
माटो उर्बरा छ
सलेदो सकिदैन ता कि
यहाँ कपास उम्रन्छ।
अन्धकारहरू छिचोल्दै
गाढा औसीको रात हटाउँदै
संधै पूर्णिमा झैँ चन्द्र फूलोस्
यो देश विश्वमा नै
यस्तो बनोस् जबकि
कसैको अपराधिक दृष्टि परे
ठहरै मरोस्।
श्री सूर्य जले झै जलोस्
आँधी तुफानले ननिभावोस्
देशबाशीको हितमा
मानव आत्माको
मन मन्दिरमा।
देशको सीमा-सीमामा
राष्ट्रको इमान्दार झण्डामा
दीवाकर झैँ प्रकाश भरोस्
यो जन्मभूमी
गौरववान्तित बनाउन
यहाँ एउटा दीप जलोस्।
English Translation
However it may burn —
let it keep burning.
Though it flickers and sways,
though it gutters and trembles —
the oil will not run out, for here
the soil is fertile;
the wick will not be exhausted, for
cotton grows here.
Piercing through the darknesses,
pushing back the deep moonless night —
let it always bloom full as a moon.
May this country be
such a place in the world
that if any criminal eye should fall on it,
that eye goes dead on the spot.
Let it burn as the great sun burns —
let no storm or gale extinguish it.
For the welfare of the people of this land,
in the temple of the human soul.
On the borders of the country, one by one,
on the honest flag of the nation —
let it blaze with the light of the morning sun.
To make this birthplace
glorious and honoured —
let a lamp burn here.
हिन्दी अनुवाद
जैसे भी जले —
जलता रहे।
चाहे लड़खड़ाते, झूमते,
टिमटिमाते जले —
तेल खत्म नहीं होगा, क्योंकि यहाँ
मिट्टी उपजाऊ है;
बाती खत्म नहीं होगी, क्योंकि
यहाँ कपास उगती है।
अँधेरों को चीरते हुए,
गहरी अमावस की रात हटाते हुए —
हमेशा पूर्णिमा-सा चाँद खिले।
यह देश दुनिया में
ऐसा बने कि
किसी अपराधी की नज़र पड़े तो
वहीं ठहरकर मर जाए।
जैसे महान सूर्य जलता है वैसे जले —
आँधी-तूफान इसे न बुझाए।
इस देश के लोगों के भले के लिए,
मानव आत्मा के मन-मंदिर में।
देश की सीमा-सीमा पर,
राष्ट्र के ईमानदार झंडे पर —
सुबह के सूर्य-सा प्रकाश भरे।
इस जन्मभूमि को
गौरवान्वित बनाने के लिए —
यहाँ एक दीप जले।
कविता ५१
अब
अब खान्न म कसम
गर्दिन ताँबो तुलसी
उभिन्न हरियो गोबरमाथि
दीयो बालेर
छुन्न गीता, चण्डी र वेद
फुकाइनु पर्छ
बन्दीछन् आवाजहरू
तरंग भएर शब्दहरू
प्रत्युत्तर खोज्दैछन्
चौपट्ट उर्लिएकाछन् व्यथाहरू
उगेल्दैछु अप्रस्फुटित
शब्दहरू घाँटीसम्म
नफडकालिएका तोते बोलीहरू
कसमको कठगाराभित्र उभिएर
अनिच्छुक वकालती चाहन्न
आँखाका नानीभित्र सूचनापट
पढ्दैछन् समाज देख्ने पढन्तेहरू
त्यसको मूल्य र मान्यता
पिर्छ रे झूटो कसमले
सन्तान बोकेर काखभरी
यसैले मरेपछि
तर्पण पिण्ड दिने सन्तानको
रक्षार्थ सीमाना कुर्दा पतिले
बिधवा भएकी छु
म आमा हूँ
मेरो कर्म घर यहिँ हो
पाएको दाइजो खोसिएछ
भालेको प्रहरअघि
पुछिएछन लगनको सिन्दुर
सेतो पहिरन पहिरिएर
आमा भएकी छु म
कुरूप सुन्दरी
बागदान दिएको छैन
छिनो फानो गरिदिए हुन्थ्यो।
English Translation
Now I will take no more oaths —
I will not touch the copper vessel and the tulsi,
I will not stand on green cowdung
with a lamp lit.
I will not touch the Gita, the Chandi, or the Veda.
They must be set free —
the voices that are imprisoned.
The words, now become waves,
are searching for a response.
The anguish has overflowed on all sides —
I am pouring out unspoken
words up to my throat.
The parrot-talk that was never uttered —
standing inside the dock of oaths,
I do not want unwilling advocacy.
The information boards inside the pupils of my eyes
are being read by those in society who can see and read.
Its worth and meaning —
a false oath is said to pierce one.
Bearing children in a full lap —
which is why, after death,
to offer the shraddha and pinda, the son who should —
while the husband was guarding the border
I became a widow.
I am a mother.
My place of duty is right here.
The dowry I received has been taken away.
Before the rooster crowed
the sindoor of my marriage was wiped away.
Dressed in white clothes,
I am a mother.
A beautiful woman made ugly.
No blessings were given at the wedding.
It would have been better to have it settled from the start.
हिन्दी अनुवाद
अब कसम नहीं खाऊँगी —
ताँबे के बर्तन और तुलसी नहीं छूऊँगी,
हरे गोबर पर नहीं खड़ी होऊँगी
दीया जलाकर।
गीता, चंडी और वेद नहीं छूऊँगी।
खोले जाने चाहिए —
बंद हैं जो आवाज़ें।
शब्द, अब तरंग बनकर,
जवाब खोज रहे हैं।
व्यथा चारों ओर उफन पड़ी है —
अनकही बातें कंठ तक
उँड़ेल रही हूँ।
न बोले गए तोते की बोलियाँ —
कसम के कठघरे में खड़े होकर,
मैं अनिच्छुक वकालत नहीं चाहती।
आँखों की पुतलियों के भीतर सूचनापट
समाज के देखने-पढ़ने वाले पढ़ रहे हैं।
उसका मूल्य और मान्यता —
झूठी कसम चुभती है, कहते हैं।
गोद भर बच्चे लेकर —
इसीलिए मरने के बाद,
तर्पण-पिंड देने वाला बेटा —
पति जब सीमा पहरा दे रहा था
मैं विधवा हो गई।
मैं माँ हूँ।
मेरा कर्म-क्षेत्र यहीं है।
मिला दहेज छीन लिया गया।
भोर से पहले
शादी का सिंदूर पोंछ दिया गया।
सफेद कपड़े पहनकर,
माँ हूँ मैं।
कुरूप कर दी गई सुंदरी।
विवाह में आशीर्वाद नहीं दिया गया।
पहले से ही तय कर दिया होता तो अच्छा होता।
कविता ५२
बिगत र वर्तमान
म आउँदा ती लताहरू उम्रन्दै थिए
फक्रन्दै थिए फूलका गुच्छाहरू
सुसुप्त थिए मेरा निमुखा लक्ष्यहरू
शीतल थिए मरूध्यानका वाष्पहरू
लम्किन्दै थिए विज्ञानका आधुनिक पाइलाहरू
चम्किन्दै थिए नयाँ आकाशमा विज्ञानका थानहरू
सारा मेरा पथ खुलस्त थिए
मेरो उमेरभरी मलाई पछ्याउथे किन?
अघिल्तिर घरि पछिल्तिर
मलाई कुत्कुत्याउँदै हरेक बिहान
हतारिन्दै साँझ बोक्न पश्चिम लाग्थे
चिट् चिट् पसिना बोकेर
निधार भरि सुस्केरा लिएका हुन्थे
भाग्यमा भर पर्नेहरू
प्रतियोगीता भरि प्रतियोगी म
एउटा संसार खोज्न किन दौडिन्थे कोनि?
स्यावासहरू कति आए कति
उसरी धिक्कारपनि आए कति
उमेरहरू सिर्जना खोज्दै थिए
अनि फुलिरहन्थे यस्ता कति उमेर
म देख्थे तुवालो उठेर ढाक्थ्यो कहिं
आँधी भएर बतासिन्थ्यो अनि
सावन मैं वर्षिन्थ्यो जिन्दगी
धूलो भएर मडारिन्थ्यो चिन्तन
नाँध्दै थिए पर्खाल आगामी अंकहरू
एक दुई तीन क्रमश…
भन्नेहरू भन्नेगर्थे मैले यति उति गरे
नजानिदो चाउरिन्दै थिए
प्रत्येक पुष्ट अनुहारहरू
जीवन सलेदो जल्दै थियो तेलसरी
खोई कता हराएछ
बिगत भएछ
भरिएका थिए गह
माया उनेर गलाभरि...
तर उदाई रहनु नयाँ नक्षत्रहरू...।
English Translation
When I arrived those vines were sprouting,
the flower clusters were blossoming.
My timid goals were dormant,
the vapours of the oasis were cool.
The modern footsteps of science were striding out.
The new stations of science were gleaming in the new sky.
All my paths before me were open.
Why did they follow me all through my years?
Now in front, now behind —
teasing me every morning,
hurrying on, they moved west to carry the evening.
Foreheads full of sweat and sighs —
those who leaned on fate.
In competition after competition — I, a competitor.
Why did I run to seek one world?
So many bravo-calls came — how many —
and just as many came, the reproaches too.
The years were seeking creation,
and so many such years bloomed.
I would see — a mist rising, covering somewhere —
it became a storm and blew away, and then
life rained down in the monsoon,
thought swirled as dust.
The coming numbers were crossing the wall —
one, two, three in order…
Those who said things kept saying: I did this and that.
Unknowingly aging —
every healthy face.
Life's wick was burning like oil —
where has it gone and vanished?
It has become the past.
The laps were full
of love woven around the neck…
But new stars keep rising and shining.
हिन्दी अनुवाद
जब मैं आया, वे लताएँ उग रही थीं,
फूलों के गुच्छे खिल रहे थे।
मेरे निमुखे लक्ष्य सुप्त थे,
मरुद्यान की भाप शीतल थी।
विज्ञान के आधुनिक क़दम आगे बढ़ रहे थे।
नए आकाश में विज्ञान के नए थान चमक रहे थे।
मेरे सारे रास्ते मेरे सामने खुले थे।
मेरी उम्र भर मेरा पीछा क्यों करते थे?
आगे कभी, पीछे कभी —
हर सुबह मुझे चिढ़ाते,
हड़बड़ाते, साँझ लाने पश्चिम की ओर निकल जाते।
माथे भर पसीना और सुस्केरे —
भाग्य पर भरोसा रखने वाले।
प्रतियोगिता में प्रतियोगिता — मैं, एक प्रतियोगी।
एक संसार ढूँढने क्यों दौड़ता था, कौन जाने।
कितनी शाबाशियाँ आईं — कितनी —
उसी तरह धिक्कार भी आए कितने।
उम्रें सृजन खोज रही थीं,
और इस तरह कितनी उम्रें खिलती रहीं।
मैं देखता — कुहासा उठकर ढाँप लेता कहीं —
आँधी बनकर उड़ जाता, फिर
सावन में ज़िंदगी बरसती,
धूल बनकर विचार उड़ता।
आगे आने वाले अंक दीवारें लाँघ रहे थे —
एक, दो, तीन क्रमशः…
कहने वाले कहते रहे: मैंने यह-वह किया।
अनजाने में बूढ़े होते गए —
हर भरे हुए चेहरे।
जीवन-बत्ती तेल-सी जलती रही —
खोई कहाँ, गायब हो गई?
बीत गई।
लप भरे थे
गले में माया बाँधकर…
पर नए सितारे उगते और चमकते रहते हैं।
कविता ५३
भावनाका तरंगहरू
अस्पष्ट लाग्दो
लामो रात
कोल्टे फेर्दै डसनामाथि
भुवा ओडेर न्यानो निन्द्रा
गाउँ खानेकथाहरूको सुनाई
प्राचीन भएर होला
सूर्य खसेपछि आँगनमा
खुलेका आँखाले विश्व हेर्दा
गुफाका चरित्र पो दोहोरिएला कि कतै
लाग्छ अर्कै कुनै भूमण्डलमा
वास बसिन्छ
लाग्छ स्वर्ग जानेहरू त्यही छन्
बुर्जुग, बुद्धिमानी, विद्वानहरूको सभा छ
अहँ यो शरीर छोडी जाँदा
शरीरको निर्माण गर्ने
कुनै दम्पत्ति त्यहाँ होलान? मरेपछि
प्राण हावाभित्र घुसेको त हुन्न
कसले चिन्ला मलाई फलानो भनेर
बरू पुगुन विज्ञानका पण्डितहरू
बसाउन दलिन अन्तरिक्षमा
लैजाउन प्रहरी बनाएर हामीलाई
राजा बनून तिनीहरू
हम्कुँला चमर
यदि छ भने
यहाँ भन्दा असल
माइत जालिन श्रीमती
ताराहरूको देशमा
ससुराल जाउँला म
मामला जालान सन्तानहरू
शायद ईश्वरको देश त्यतै होला
हेरुँला आँखाले स्वर्गीक आनन्दहरू
पुगुन कठैबरी ती!
घाम जाने बाटोभरी
लाम लाग्ने जीन्दगीहरू
नत्र बनाउन बैध्यहरू
जडी बुट्टी
न रोग न शोक
नमरून बाँच्नेहरू कोहिपनि
नथपिउन अरू मायाका साइनोहरू।
English Translation
The long night that seems unclear —
turning over on the mat,
wrapped in a blanket in warm sleep,
lulled by the village's old stories —
perhaps because they are ancient —
after the sun set in the courtyard
looking at the world with open eyes,
perhaps the cave characters will repeat themselves somewhere.
It seems as though one lives
on some other planet entirely.
It seems those who went to heaven are there —
there is an assembly of the aged, the wise, the learned.
Hmm — when this body is left behind and gone,
those who made this body —
some couple might be there? After death
the soul, has it gone into the air?
Who will know me — saying "it is so and so" —
better that the scholars of science arrive
and build a colony in space.
Let them take us as guards there —
let them become kings —
we shall wave the ceremonial yak-tail fans.
If it exists —
better than here —
wives will go to their parents' homes
in the land of the stars.
I shall go as a son-in-law to the heavens.
The children will go off on their own business.
Maybe God's country is right there —
let us see with our eyes the celestial joys.
May they reach there — bless them!
Along the road the sun travels —
the lives that queue up in procession.
Or else let physicians be made
from herbs and roots:
no disease, no grief —
let no one who lives die at all,
let no more bonds of love be added.
हिन्दी अनुवाद
अस्पष्ट-सी लंबी रात —
डसने पर करवट बदलते,
रजाई ओढ़कर गर्म नींद,
गाँव की पुरानी कहानियाँ सुनाते —
शायद प्राचीन होने के कारण —
आँगन में सूरज ढलने के बाद
खुली आँखों से दुनिया देखते हुए,
शायद गुफा के किरदार कहीं दोहराए जाएँगे।
लगता है किसी दूसरे ग्रह पर
रहा जाता है।
लगता है स्वर्ग गए वाले वहाँ हैं —
बुजुर्गों, बुद्धिमानों, विद्वानों की सभा है।
अरे — यह शरीर छोड़कर जाने पर,
इस शरीर को बनाने वाले —
कोई दंपत्ति वहाँ होंगे? मरने के बाद
प्राण क्या हवा में समा गया?
कौन पहचानेगा मुझे "फलाना" कहकर —
बेहतर हो कि विज्ञान के पंडित पहुँचें
और अंतरिक्ष में बस्ती बसाएँ।
हमें प्रहरी बनाकर ले जाएँ —
वे राजा बनें —
हम चँवर हिलाएँगे।
अगर है तो —
यहाँ से बेहतर —
पत्नियाँ तारों के देश में माइके जाएँगी।
मैं जामाई बनकर स्वर्ग जाऊँगा।
बच्चे अपने-अपने काम पर जाएँगे।
शायद ईश्वर का देश वहीं होगा —
आँखों से स्वर्गीय आनंद देखेंगे।
पहुँचें वहाँ — धन्य हों!
घाम जाने के रास्ते पर —
कतार में खड़ी ज़िंदगियाँ।
वरना वैद्य बनाएँ
जड़ी-बूटियों से:
न रोग, न शोक —
जो जीते हैं वे मरें ही न,
और प्रेम के नए रिश्ते न जुड़ें।
कविता ५४
मैले कविता पाँए
म कविता खोज्न
मष्तिकको विमानमा चडी
चिल जस्तै उडीरहें
दिन महिना वर्षभरी उडे
तर कविता यसरी पाँए
उसित रम्ने इच्छा थियो
ओझेल परेर छद्म भेषमा
धरणीभरि
प्राकृतिक छटाहरूमा
रमणीय आनन्दभित्र
साहित्यका वाङ्मय अवतारमा
उन्मत्त भई गुनगुनाई रहेको पाँए।
देवराली पाखाका
नागबेली गोरेटो
चौतारी, रिमझिम वर्षाको
मधुर गान गाउँदै
सुनौलो क्षितिजमा
सुसेली रहेको देखें
घरि बासनामा फूलका
खहरेका सुसाई
माया छुटेका प्रेमिकाका रोदन
अनि लाशमाथि बिछ्याइएका
फूलमाथि पाँए
मृतकका शान्त अनुहारको आनन्द
र शिशुको हस्तरेखाभरि पाँए
जाडो याममा दिवाकरको
न्यानो आगमन र
पाइला, पाइला पछ्याउने
छाँया एवं चारोको पर्खाइमा
माऊ कुर्ने बचेराको आशयमा पाँए।
गंगाको तटमा माला गनी
मृत्यु कुनै बेसाहारा
जीवनसाथै शीत बनी
टल्किदिने थोपाहरू एवं
दौरा र चौबन्दीका तुना औ
चिया टिप्ने आमाका
सुस्केरामा पाँए।
ओझेल परेका दर्शनका ठेली
अन्माएकी बेहुलीको माया अनि
युद्ध जिती फर्किने सिपाहीको
खुशीभित्र पाँए।
तकियाको सपनामा
कल्पित आँशु बनेर मायाका
चैत्र वैशाखको लाली गुराँस
चरीको काफल पाक्यो संगै
गुलाबको उमेरभरी पाँए।
न्याउलको उराठसंग
सयपत्री मखमली
मादलको घिन्ताङ्ग
लिङ्गे पिङको लचक
जमरा र टीका
भैलेनीको गानमा
भाइटिकाको मिलन साथै
तामङ्ग सेलो र धान नाँच एवं
हाम्रो संस्कृतिभरि पाँए।
मैले कविता, बिधुवाको सिउँदो
चाउरिएका अनुहार
थुनिएका कैदी
मूर्ति अघि बर्दान माग्ने
प्रेमीहरूको विश्वास र
बलिको पशु अनि
बल्छिमा उनिएका माछाको
जीवनमा पाँए।
अनि कविता
जलाशयको कमल पत्र र
लाशमाथि खन्याइने
माटोको मूल्यमा पाँए
एवं कविता
आमाको न्यानो काख र
मायाका चुम्बनमा पाँए।
English Translation
I went searching for poetry,
climbing aboard the aeroplane of my mind,
soaring like a kite —
I flew for days, months, and years.
But I found poetry like this:
the desire to be absorbed in it was there.
Having hidden itself in disguise
across the whole earth —
in the natural splendours,
in the delightful joys within,
in the manifested incarnations of literature —
I found it intoxicated, humming softly to itself.
On the winding paths
of Deorali hill,
at the wayside resting-place, in the gentle rain —
singing a sweet song
into the golden horizon —
I heard it whispering.
Now in the fragrance of the flowers,
the murmur of the stream,
the weeping of one parted from love,
and on the flowers strewn over a corpse —
I found it in the peaceful face of the dead
and in the lifelines of an infant's hand.
In the winter sun's warm arrival
and in the shadow that follows step by step —
in the expectation of fodder
and in the hope of the chick that waits for its mother —
I found it.
Counting beads on the bank of the Ganga,
some death, companionless —
becoming cold alongside life,
in drops that gleam and fall,
in the ties of the daura coat and chaûbandi
and in the sigh of a mother picking tea:
I found it.
In the bundle of forgotten philosophies,
in the love of a bride given in betrothal,
and in the joy of a soldier
returning victorious from war:
I found it.
In the dream on the pillow,
becoming an imagined tear of longing —
in the red rhododendron of Chaitra and Baishakh,
with the bird's song: "the kafal is ripe" —
throughout the life of the rose:
I found it.
With the dove's longing,
the marigold and velvet flower,
the madal's rhythm,
the swing of the lingey-ping,
the jamara and tika,
in the Bhaileni song,
alongside the reunion of Bhai Tika —
in the Tamang selo and the paddy dance,
throughout our culture:
I found it.
I found poetry in the widow's empty parting,
in aged, hollowed faces,
in imprisoned prisoners,
in the faith of lovers who ask boons before the idol,
in the sacrificial animal,
and in the life of a fish
strung on a line of thorns:
I found it.
And poetry —
in the lotus leaf of the reservoir
and in the value of the soil
poured over the corpse:
I found it.
And poetry —
in the warm lap of a mother
and in her loving kisses:
I found it.
हिन्दी अनुवाद
मैं कविता खोजने निकला,
मन के विमान पर चढ़कर,
चील की तरह उड़ता रहा —
दिन, महीने, साल भर उड़ा।
पर कविता ऐसे मिली:
उससे रम जाने की इच्छा थी।
छद्म भेष धरकर
पूरी धरती पर —
प्राकृतिक छटाओं में,
उसके भीतर रमणीय आनंद में,
साहित्य के प्रकट अवतारों में —
उन्मत्त होकर गुनगुनाती हुई मिली।
देवराली पहाड़ी की
नागबेली राहों पर,
चौतारी पर, रिमझिम बारिश में —
सुनहले क्षितिज में
मधुर गान गाते हुए —
मैंने उसे सुसुराते सुना।
अब फूलों की सुगंध में,
नाले की बड़बड़ाहट में,
प्रेमिका के विरह-रोदन में,
और शव पर बिछाए फूलों में —
मृत के शांत चेहरे में
और शिशु की हथेली की रेखाओं में:
मिली।
जाड़े में सूरज के गर्म आगमन में
और कदम-कदम पीछा करती छाया में —
चारे की प्रतीक्षा में
और माँ का इंतज़ार करते बच्चे की आशा में:
मिली।
गंगा के तट पर माला फेरते,
कोई मौत, बेसहारा —
ज़िंदगी के साथ ठंडी होती,
टलकते गिरते आँसुओं में,
दौरा और चौबंदी की डोरी में
और चाय चुनती माँ की साँस में:
मिली।
भुला दी गई दर्शन की गठरी में,
मँगनी दी गई दुल्हन के प्यार में,
और युद्ध जीतकर लौटते
सिपाही की खुशी में:
मिली।
तकिये के सपने में,
कल्पित आँसू बनकर —
चैत-बैसाख की लाल गुराँस में,
चिड़िया के "काफल पाकी" के साथ —
गुलाब की पूरी उम्र में:
मिली।
चितकोड़ी की तड़प के साथ,
सयपत्री-मखमली,
मादल की घिन्ताँग,
लिंगे पिंग की लचक,
जमरा और टीका में,
भैलेनी के गान में,
भाईटीका के मिलन के साथ —
तामाँग सेलो और धान नाच में,
हमारी पूरी संस्कृति में:
मिली।
मैंने कविता पाई — विधवा के उजड़े सिंदूर में,
चाउरिए हुए चेहरों में,
बंद कैदियों में,
मूर्ति के आगे वरदान माँगते प्रेमियों के विश्वास में,
बलि के पशु में,
और काँटे की डोरी में पिरोई
मछली के जीवन में:
मिली।
और कविता —
जलाशय के कमल-पत्र में
और शव पर डाली जाने वाली
माटी के मूल्य में:
मिली।
और कविता —
माँ की गर्म गोद में
और प्यार के चुंबन में:
मिली।
कविता ५५
त्यो ध्वनि
धुम्म आकाशको ओतभित्र
बाछिटा खस्नु अघि
नाच्दै थिए पहेंलापातहरू
झर्नलाई हाँगाबाट
अनि
आकस्मिक
झिल्काहरू
पृथ्वीका सतहमा
विद्रोह गर्न
हठात्
झर्यो शब्द
थुनिएछन्
कानहरू
कम्पित थिए
नसाहरू
चुपचाप थियो
पवन
मृत्य सकेर
मञ्चको पर्दाभित्र
मेरो धडकन भित्र
त्यो दिन
अनन्तमा
प्रतिध्वनि
र
ओत लाग्दै थिए
परिश्रमीहरू
निध्रुक्क भिजेर
गलहत्याइएका
निमुखाहरू
तर बरदान थियो
त्यो ध्वनि।
English Translation
In the thick cover of the sky
before the lightning struck —
the yellow leaves were dancing,
ready to fall from the bough.
And then
suddenly
the flashes —
on the surface of the earth
to rebel —
the word fell, abrupt.
The ears are sealed.
The nerves
were trembling.
The wind was
silent.
Dance over —
behind the curtain of the stage —
within my heartbeat —
that day
into infinity
an echo —
and
those who were sheltering there:
the hardworking,
soaked to the skin,
the embraced
and the meek —
but it was a blessing:
that sound.
हिन्दी अनुवाद
आकाश के घने ओट में
बाछिटा गिरने से पहले —
पीली पत्तियाँ नाच रही थीं,
डाल से गिरने को तैयार।
और फिर
अचानक
झिलकाएँ —
पृथ्वी की सतह पर
विद्रोह करने को —
हठात्
शब्द गिरा।
कान बंद हो गए।
नसें
काँप रही थीं।
हवा
चुप थी।
नृत्य समाप्त —
मंच के पर्दे के पीछे —
मेरी धड़कन के भीतर —
उस दिन
अनंत में
प्रतिध्वनि —
और
वहाँ शरण लेने वाले:
परिश्रमी,
पूरी तरह भीगे हुए,
आलिंगन में लिए गए
और दीन —
पर वरदान था:
वह ध्वनि।
कविता ५६
रेली
त्यो सुरम्यता र एकाग्रतामा
तिमी कालेबुङकी रेली
पहाडीभेकको चिसो पवन
अंगालेर निरन्तर तिम्रो गन्तव्य
लाग्छ मलाई
शायद तिमी प्रकृतिको एक बरदान हौ
शायद तिमी प्रकृतिको एक पुष्पहार हौ
सरिता बनेर लोभ्याउछ्यौ तिमीले
नव आलिङ्गनमा बाँधिनेहरूलाई
अति लोभनीय भएर
पगाल्छ्यौ मलाई पनि तिमीले
त्यो निर्जनताभित्र
एक्लै सुसेल्दै हिँड्दैछ्यौ तिमी
पर्खिन्दैनौ र कहिले निष्ठुरी लाग्छ तिमीलाई
र तिम्रो साथ छोडून मन लाग्छ
फेरि बिर्सन पनि सक्तिन
किन ! किन !!
रेली तिमीलाई।
English Translation
In that serenity and single-mindedness —
you, Reli of Kalimpong,
the cold breeze of the hill country
embracing you — your destination unceasing.
It seems to me
perhaps you are one gift of nature,
perhaps you are one floral garland of nature.
You lure them as a river —
those who would bind themselves in a new embrace.
Being so very alluring
you dissolve me too.
In that solitude
you walk along, whispering alone.
You do not wait — sometimes you seem merciless —
and I want to leave your company.
And yet I cannot forget you —
why! why!!
Reli — I cannot forget you.
हिन्दी अनुवाद
उस सुरम्यता और एकाग्रता में —
तुम कालिम्पोंग की रेली,
पहाड़ी भूखंड की ठंडी हवा
तुम्हें आलिंगन किए — निरंतर तुम्हारी मंज़िल।
मुझे लगता है —
शायद तुम प्रकृति का एक वरदान हो,
शायद तुम प्रकृति का एक पुष्पहार हो।
सरिता बनकर तुम लुभाती हो
उन्हें जो नए आलिंगन में बँधना चाहते हैं।
इतना लोभनीय होकर
तुम मुझे भी पिघला देती हो।
उस निर्जनता में
तुम अकेले सुसुराते हुए चलती हो।
रुकती नहीं — कभी-कभी निर्मोही लगती हो —
और मन करता है तुम्हारा साथ छोड़ दूँ।
पर भूल भी नहीं पाता —
क्यों! क्यों!!
रेली — तुम्हें भूल नहीं सकता।